Friday, February 19, 2021

नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन

नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन


कुंभराज : अखिल भारतीय बाल्मीकि महासभा सफाई कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा कुंभराज मंडी प्रांगण में सफाई कर्मचारियों की मीटिंग का आयोजन रखा गया, मीटिंग में विशेष रुप से प्रदेश अध्यक्ष, नरेंद्र बीलरवान, प्रदेश महामंत्री नीरज मालवीय, जिला प्रभारी जीतू मालवीय, ब्लॉक अध्यक्ष सोनू मालवीय, ब्लॉक उपाध्यक्ष विक्रम मालवीय, सचिव शिवनारायण झांझोट, संयुक्त सचिव कमलेश मालवीय सहित समस्त सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। व अखिल भारतीय बाल्मीकि महासभा सफाई कर्मचारी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।

पतंजलि ने दुबारा किया कोरोनिल दवा लाॅन्च

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

नई दिल्ली -- बाबा रामदेव  ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर आज कोरोनावायरस की नई आयुर्वेदिक दवा और दवा के रिसर्च पेपर की पुस्तकें भी लॉन्च की है। पतंजलि का दावा है कि नई दवा साक्ष्यों पर आधारित है। नई दवा के लॉन्च के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मौजूद रहे। नई दवा का नाम भी कोरोनिल ही है , पतंजलि का कहना है कि कोरोनिल टैबलेट से अब कोविड का इलाज होगा। आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को कोरोना की दवा के तौर पर स्वीकार कर लिया है। यह कोरोनावायरस की पहली प्रामाणिक दवा है। इस दवा को बनाने में कोरोना के सभी प्रोटोकॉल को फालो किया गया है। दवा लांच करते हुये बाबा रामदेव ने कहा कि योग आयुर्वेद को रिसर्च बेस्ड ट्रीटमेंट के तौर पर चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनाया जा रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोनिल का इस्तेमाल पहले से लोग कर रहे थे, लेकिन अब डीजीसीए के बाद हमें डब्लूएचओ से अप्रूवल मिल गया है, ये 154 देशों के लिये अप्रूवल मिला है, इसके बाद हम अब आधिकारिक रूप से कोरोनिल का निर्यात कर सकते हैं, हमने वैज्ञानिक पद्धति से कोरोनिल पर रिसर्च किया है। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि हेल्थ के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर और ग्लोबल लीडर बन रहा है, योग और आर्युवेद को हम वैज्ञानिक प्रमाणिकता के साथ स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। पतंजलि ने सैकड़ों रिसर्च पेपर अब तक पब्लिश किये हैं, हमने योग क्रियाओं को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ दुनियां के सामने रखा है। बाबा रामदेव ने कहा, ‘जब हमने कोरोनिल के जरिये लाखों लोगों को जीवनदान देने का काम किया तो कई लोगों ने सवाल उठाये। कुछ लोगों के मन में रहता है कि रिसर्च तो केवल विदेश में हो सकता है, खासतौर पर आयुर्वेद के रिसर्च को लेकर कई तरह के शक किया जाता हैं, अब हमने शक के सारे बादल छांट दिये हैं , हमने कोरोनिल से लेकर अलग-अलग बीमारी पर हमने रिसर्च किया है। हमने एविडेंस और रिसर्च के आधार पर यह दवा तैयार की है।रामदेव ने दावा किया कि पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट की यह दवा विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन से सर्टिफाइड है। दावा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे जीएमपी यानी ‘गुड मैनुफैक्‍चरिंग प्रैक्टिस’ का सर्टिफिके‍ट दिया है। रामदेव ने कहा क‍ि यह दवा ‘एविडेंस बेस्‍ड’ है। इस मौके पर नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे खुशी है कि योग आयुर्वेद में रिसर्च के लिये बाबाजी और आचार्य जी ने बहुत बड़े अनुसंधान संस्थान की स्थापना की है। योग और आयुर्वेद पूरे विश्व को दिशा दे सकता है। हिंदुस्तान में रहकर ये बात शायद ना समझे, लेकिन जर्मनी में जाएंगे तो समझेंगे. रिसर्च बहुत आवश्यक होती है। बाबाजी को हम योग और आयुर्वेद के ब्रांड एम्बैसडर के रूप में देखते हैं।चमत्कार के बिना कोई नमस्कार नहीं करता, लोगों को अनुभव हुआ तो उन्होंने स्वीकार किया। अभी तक विश्वास के आधार आयुर्वेद में दवा देते थे , लेकिन अब रिसर्च और एविडेंस के ज़रिये इसकी प्रमाणिकता बढ़ती है। इस अनुसंधान और वैज्ञानिक रूप सर काम करने के लिये बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को बधाई। दोबारा रिसर्च के साथ सामने आने पर लोगों का भरोसा इस पर बढ़ेगा। वहीं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की तारीफ करते हुये डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना काल में आयुर्वेद पद्धति पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। कोरोना से पहले आयुर्वेद का मार्केट हर साल 15 फीसदी बढ़ रहा था, लेकिन कोरोना के बाद इसमें 50 से लेकर 90 फीसदी का उछाल आया है। भारत ही दुनियां के लोगों का विश्वास आयुर्वेद पर बढ़ रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले पतंजलि ने 23 जून 2020 को कोरोना के लिये कोरोनिल लॉन्च की थी, जिसमें सात दिन में कोरोना के इलाज का दावा किया गया था ,हालांकि लॉन्च होते ही ये दवा विवादों में आ गयी थी।

भगवान जगन्नाथ के द्वार पहुंची अभिनेत्री कंगना रनौत

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

जगन्नाथपुरी - अपकमिंग फिल्म 'धाकड़' की शूटिंग में व्यस्त अभिनेत्री कंगना रनौत समय निकालकर आफ व्हाईट रंग का सलवार सूट और गोल्डन वर्क किया दुपट्टा , गले में हैवी ज्वैलरी पहनी हुई पवित्र माघ मास की सप्तमी शुक्रवार को ओड़िसा के पुरी जगन्नाथ मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने भगवान कृष्ण, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं का दर्शन कर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ टीम के सदस्य भी मौजूद थे। कड़ी सुरक्षा के बीच श्रीमंदिर सिंहद्वार के सामने पहुंचने के बाद मंदिर के प्रशासनिक अधिकारियों सहित सेवकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। कंगना ने बाइस सीढ़ी एवं सात पाहाच (सीढ़ी) होते हुये महाप्रभु के मंगल आरती का दर्शन किया और भक्तिमय होकर  परिक्रमा भी लगायी। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी का दर्शन करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुये कंगना ने कहा कि इस मंदिर में मैं पहली बार दर्शन करने पहुंची हूं। लेकिन वाकई मैं ये नहीं जानती कि मैं यहां इतना देरी से क्यों पहुंची हूं ? उन्होंने कहा जो कुछ होता है वो ऊपर वाले की मर्जी से ही होता है। आज महाप्रभु का दर्शन कर मैं खुद को धन्य मान रही हूं। नये साल के शुरूआत में ही महाप्रभु का दर्शन हुआ है , उम्मीद करती हूं कि यह साल मेरे लिए शुभमय होगा। उन्होंने कहा है कि हम हमेशा राधा एवं रूक्मणी (लक्ष्मी) का दर्शन करते आ रहे है किन्तु पुरी जगन्नाथ धाम में भगवान कृष्ण को भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा (अर्जुन की पत्नि अभिमन्यु की मां) के साथ रखा गया है। श्रीमंदिर में महाप्रभु के साथ श्री विग्रहों का दर्शन से चिकित्सकीय तथा सुखदायक मिठास की अनुभूति हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसम्बर महीने में ही कंगना ने महाप्रभु का दर्शन करने की इच्छा जतायी थी। बताते चलें कंगना रनौत गुरुवार शाम को वाई सिक्योरिटी में भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर पहुंची और आज उन्होंने महाप्रभु का दर्शन किया। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु मामले में टिप्पणी करने के बाद कंगना पिछले दिनों चर्चा का केन्द्र बन गई थी। उन्होंने मुंबई में कड़े संघर्ष के बीच सफलता हासिल किया है। अपने अभिनय के बल पर उन्होंने फिल्म फेयर अवार्ड से लेकर राष्ट्रीय चलचित्र पुरस्कार जैसे कई सम्मान से सम्मानित हो चुकी हैं। विभिन्न प्रसंग पर टिप्पणी कर अधिकांश समय वे चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने अपने ओड़िसा दौरे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें वे सिक्योरिटी से घिरी और काफी खुश नजर आ रही हैं। कंगना ने वीडियो कैप्शन में लिखा है, "हमने हमेशा कृष्ण को राधा या रुक्मणि के साथ देखा है। लेकिन पुरी जगन्नाथ में भगवान कृष्ण अपने भाई-बहन बलराम और सुभद्रा (अर्जुन की पत्नी, अभिमन्यु की मां) के साथ विराजमान हैं। उनके ह्रदय के चक्र से निकलती ऊर्जा के चलते पूरे स्थान में स्वास्थ्यप्रद और सुखदायक मिठास का अहसास होता है। कंगना इस वक्त मध्यप्रदेश में रजनीश घई के निर्देशन में बन रही अपनी आने वाली फिल्म धाकड़ की शूटिंग कर रही हैं। फिल्म में उनके साथ अर्जुन रामपाल और दिव्या दत्ता की मुख्य भूमिका है। एक्शन थ्रिलर इस फिल्म में कंगना एजेंट अग्नि के किरदार में होंगी। यह फिल्म इसी साल दिवाली के मौके फर एक अक्टूबर को रिलीज होनी है , जिसमें कंगना एक इंटेलिजेंस आफिसर की भूमिका में नजर आयेंगी। कंगना रनौत की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो अभिनेत्री फिल्म थलाइवी रिलीज होने को तैयार है। यह फिल्म पॉलिटिशन तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की बायॉपिक है। फिल्म 'धाकड़' के बाद कंगना 'तेजस' की शूटिंग शुरू करेंगी। वे 'अपराजित अयोध्या', 'मणिकर्णिका रिटर्न्स : द लीजेंड ऑफ दिद्दा' और कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार पर बेस्ड एक अनाम फिल्म की घोषणा भी कर चुकी हैं। उनके प्रोडक्शन की एक अन्य फिल्म में उन्हें इंदिरा गांधी की भूमिका में देखा जायेगा।

डीजल पेट्रोल की बढती कीमतो के विरोध मे मूंदी नगर बन्द का आव्हान

संवाददाता : अंशुल श्रीवास्तव

डीजल पेट्रोल की बढती कीमतो के विरोध मे मूंदी नगर बन्द का आव्हान। कांग्रेस नेता उत्तमपालसिह ने व्यापारियो से मांगा सहयोग, कहा शनिवार को आधे दिन का रहेगा बन्द 

डीजल-पेट्रोल की कीमतो मे हुई भारी बढोतरी के विरोध मे कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को मूंदी नगर मे आधे दिन के बन्द का ऐलान किया है । कांग्रेस नेता उत्तमपालसिह आज कांग्रेस कार्यकर्ताओ के साथ मैदान मे उतरे उन्होने नगर के मुख्य बाजार मे व्यापारियो से हाथ जोडकर कांग्रेस के बन्द के आव्हान को सफल बनाने के लिये सहयोग मांगा। उत्तमपालसिह ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की कीमत से मंहगाई बेलगाम हो गई है । आम आदमी इससे प्रभावित हुआ है । इसी कारण कांग्रेस पार्टी ने मूंदी नगर बन्द का आव्हान किया है । यह बन्द का आयोजन शनिवार दोपहर दो बजे तक रहेगा । इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता लक्ष्मीचन्द गुर्जर , नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश मालवीय, बलीराम पटेल ,चन्द्रकांत मण्डलोई, अनिल राठोर कट्टुसेठ, विजय मराठे मनोहर पटेल,जगदीश चौहान,  लाला गुर्जर, मोहम्मद बोहरा, सन्तोष बारड, जितेन्द्र मण्डलोई आदि उपस्थित थे ।

Thursday, February 18, 2021

शबरी आश्रम मे आदिवासी बच्चों को निशुल्क शिक्षा व आवास की व्यवस्था देख खुशी हुई, डॉ विक्रांत भूरिया

बीनागंज - राजीव गांधी भवन गुना में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे डॉ विक्रांत भूरिया मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का बीनागंज नगर में अलग-अलग स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया जिसमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष बीनागंज प्रदीप सोनी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहित मीणा, उपाध्यक्ष केशव चौहान, एनएसयूआई प्रदेश सचिव सौरव यादव, ब्लॉक महामंत्री शिवराज मीणा देदला, गणेश  सैनी, पिंकू शर्मा, आमीन ने टोल टैक्स पहुंच कर डॉक्टर भूरिया का स्वागत सत्कार किया। इसी क्रम में जयश के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह भील ने बायपास पहुंच कर अपनी टीम सहित यू का प्रदेश अध्यक्ष भूरिया जी की अगवानी की और नगर में स्थित शबरी आश्रम मंदिर पर माता शबरी के दर्शन करने के लिए लाये।

     शबरी आश्रम पहुंचकर डॉ विक्रांत भूरिया ने सर्वप्रथम माँ शबरी की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पण कर चरणों में नमन किया तत्पश्चात शबरी एकलव्य भील विकास परिषद आश्रम के अध्यक्ष सुखलाल भील रिटायर्ड वरीष्ठ अधिकारी गैल इंडिया लिमिटेड, आश्रम के कोषाध्यक्ष नाथू सिंह भील प्राचार्य, सर्जन सिंह शिल्पकार जिला महासचिव आईटी सेल कांग्रेस, सिँगालाल भील, रामभरोसा भील चारनपुरा, राकेश भील ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया का स्वागत श्रीफल साफ़ा भेंट कर फूल मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर जयश के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह भील ने शबरी आश्रम पर आदिवासी बच्चों को दी जा रही निशुल्क शिक्षा एवं आवास की व्यवस्था का मुआयना प्रदेश अध्यक्ष भूरिया जी को कराया डॉक्टर भूरिया ने आश्रम पर आदिवासी बच्चों को दी जा रही शिक्षा व आवासीय व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि आदिवासी बच्चों को नए सपने संजोने का मौका दे दिया जा रहा है। बच्चों को फ्री में एजुकेशन के साथ-साथ रहने और खाने की भी व्यवस्था करता है। बड़ी खुशी हुई की हमारे आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा वाह रहने की व्यवस्था शबरी आश्रम द्वारा दी जा रही है जोकि प्रशंसा का विषय है इस अवसर पर दर्शन भील, दीवान भील, सोनू वीर, विक्रम भील, देव भील, रोहित भील, राहुल भील, देवेंद्र भील, गोलू भील, मौसम भील, बाबूलाल भील, राकेश भील, रामदयाल भील, अनिल भील,  रघुवीर भील, धूरीलाल भील सहित बड़ी संख्या में आदिवासी बंधु मौजूद रहे।

मुंगावली : श्रीराम महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ

 संवाददाता : संदीप राठौर

मुंगावली- प्राचीन श्री सिद्ध आश्रम पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर आमखोए धाम ग्राम सूरेल मे चल रहे 21 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ एवं भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिन यज्ञ एवं पूजन प्रारंभ हुआ। जिसमे मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री ब्रजेन्द्र सिंह यादव लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने यज्ञ शाला में सपत्नी मुख्य यजमान ने प्रवेश किया और विशाल मेला और श्रीमद्भागवत कथा का वाचन श्री बाल व्यास जी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को रोज रसपान कराएंगे। यह 21 कुंडीय श्री राम महायज्ञ  देश व प्रदेश की उन्नति के लिए ईश्वर से कामना के लिये किया जा रहा है जिस में रोज हजारो की जनसंख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना हो रहा है दर्शन लाभ ले रहे है।

आज नर्मदा जयंती विशेष - अरविन्द तिवारी की कलम से

आज पतित पावनी मां नर्मदा को समर्पित नर्मदा जयंती है। वैसे तो नर्मदा जयंती का महत्व देश भर में है किन्तु मां नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक मध्यप्रदेश में स्थित होने के कारण यह प्रदेशवासियों के लिये विशेष महत्व रखता है। नर्मदा जयंती पूरे मध्यप्रदेश में बहुत श्रद्धा भाव के साथ मनायी जाती है। हिंदू पंचांग अनुसार नर्मदा जयंती माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि यानि आज ही मनायी जाती है। माना जाता है कि इस दिन मां नर्मदा के पावन जल से स्नान करने से हर व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही उसके पापों का नाश होता है एवं मां नर्मदा की कृपा से उसे दीर्घायु जीवन मिलता है। मध्यप्रदेश की लोक मान्यता है कि जितना पुण्य प्रताप गंगा नदी में पूर्णिमा के दिन स्नान करने से मिलता है, उतना ही पुण्य नर्मदा जयंती के अवसर पर नर्मदा नदी में स्नान करने से भी मिलता है।


नर्मदा जयंती का महत्व


नर्मदा जयंती के धार्मिक महत्व की बात करें तो नर्मदा नदी के पृथ्वी पर अवतरण दिवस को ही नर्मदा जयंती के रुप में मनाया जाता है। भारत के सात धार्मिक नदियों में से एक मां  नर्मदा का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है।हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इसी दिन मां नर्मदा नदी का अवतरण भगवान शंकर से हुआ था , इसी कारण इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। पौराणिक कथानुसार भगवान शिव ने राक्षसों के विनाश और देवताओं को उनके पाप धोने के लिये मां नर्मदा को उत्पन्न किया था , इसके पवित्र जल में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। इसी नदी के पास भगवान महादेव का एक ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर स्थित है। नर्मदा नदी के अवतरण तिथि को नर्मदा जयंती महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है।


नर्मदा का उद्गम एवं मार्ग 


नर्मदा नदी भारत के विंधयाचल और सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों पर मध्यप्रदेश के अनूकपुर जिले के अमरकंटक नामक स्थान के एक कुंड से निकलती है. यह इन दोनों पर्वतों के बीच पश्चिम दिशा में बहती है. यह कुंड मंदिरों से घिरा हुआ है. यह भारतीय उपमहाद्वीप में पाँचवीं सबसे लम्बी नदी है, यह भारत की गोदावरी और कृष्णा नदी के बाद तीसरी ऐसी नदी है, जो कि पूरे भारत के अंदर ही प्रवाहित होती है। इसे “मध्यप्रदेश की जीवन रेखा” भी कहा जाता है. यह उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच पारम्परिक सीमा के रूप में पूर्व से पश्चिम दिशा में बहती है। यह भारत की एक मात्र ऐसी नदी है, जो कि पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है. इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी की है और यह गुजरात के भरूच शहर से गुजरती हुई खम्भात की खाड़ी रत्नसागर में जाकर समाहित है। इस नदी के तटों में बहुत से तीर्थ स्थल है जहाँ लोग दर्शन करने आते है। यह नदी मध्यप्रदेश के साथ साथ छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में भी प्रवाहित होती है। माँ नर्मदा की परिक्रमा का भी प्रावधान है और यह एक मात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा होती है, इसके अलावा और किसी नदी के बारे में ऐसा नहीं कहा गया। इसलिये इसके तट में रहने वाले श्रद्धालु इसके महत्व  को समझते है और कहते है कि इसके दर्शन मात्र से ही पुण्य की प्राप्ति हो जाती है। मां नर्मदा को अलौकिक और पुण्यदायिनी भी कहा गया है। 


नर्मदा जयंती पूजन विधि


नर्मदा जयंती के दिन अपने पापो से मुक्ति सुख-शांति और समृद्धि की कामना लेकर दूर दूर से श्रद्धालु अमरकंटक नर्मदा स्नान के लिये पहुंचते हैं। नर्मदा जयंती के अवसर पर नदी का उद्गम स्थल अमरकंटक भगवा रंग में रंग जाता है। इस दिन भक्तशहर के विभिन्न घाटों पर भजन और देवी गीत गाते हैं। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के मध्य नर्मदा स्नान करना बेहद शुभ होता है। स्नान के पश्चात फूल , धूप , अक्षत , कुमकुम , आदि से नर्मदा मां के तट पर पूजन करना चाहिये। इस पवित्र दिन पर नर्मदा नदी में आटे के 11 दीप जलाकर जल प्रवाह करने से भी, व्यक्ति की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस दिन प्रात:काल मां नर्मदा का पूजन-अर्चन व अभिषेक प्रारंभ हो जाता है। सायंकाल नर्मदा तटों पर दीपदान कर दीपमालिकायें सजायी जाती हैं। ग्रामीण अंचलों में भंडारे  व भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस दिन जो भक्त नर्मदा नदी की पूजा आराधना करते हैं उनके जीवन में शांति और समृद्धि आती है। इस दिन सायंकाल भक्त बनारस के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर की जाने वाली आरती की तर्ज पर देवी नर्मदा की भव्य आरती करते हैं। कई लोग इस दिन मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाते हैं , साथ में इस दिन भंडारा भी किया जाता है। बताते चलें कि पूरे विश्व में मां नर्मदा ही एकमात्र ऐसी नदी हैं जिनकी परिक्रमा की जाती है। इनकी परिक्रमा से रिद्धि सिद्धि की प्राप्ति होती है। नर्मदा , गंगा , सरस्वती व नर्मदा नदी को ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद एवं अथर्वेद के समान पवित्र माना जाता है। नर्मदा नदी के तट पर उद्गम से लेकर विलय तक कुल 60 लाख, 60 हजार तीर्थ स्थल बने हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार नर्मदा नदी का हर पत्थर शंकर रूप माना जाता है।


मां नर्मदा की उत्पत्ति


मां नर्मदा की उत्पत्ति की कई कथायें एवं कहानियां हमारे शास्त्रों में वर्णित है। स्कंद पुराणान्तर्गत "रेवाखंड" में इसका उल्लेख हमें प्राप्त होता है।पौराणिक कथानुसार अंधकासुर भगवान शिव और मां पार्वती का पुत्र था। एक दैत्य हिरणायक्ष ने भगवान शिव की घोर तपस्या करके उन्हीं की तरह बलवान पुत्र पाने का वरदान मांगा। भगवान शिव ने बिना एक भी क्षण गंवाये अपने पुत्र अंधकासुर को हिरणायक्ष को दे दिया। हिरणायक्ष का वध भगवान विष्णु ने वाराह अवतार लेकर कर दिया था। जिसके बाद अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिये अंधकासुर ने अपने बल से देवलोक पर अपना आधिपत्य जमा लिया। जिसके बाद अंधकासुर ने कैलाश पर चढ़ाई कर दी और भगवान शिव और अंधकासुर के बीच में घोर युद्ध हुआ जिसमें भगवान शिव ने अंधकासुर का वध कर दिया।अंधकासुर के वध के बाद देवताओं को भी अपने पापों का ज्ञान हुआ। जिसके बाद वह सभी भगवान शिव के पास जाते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभु हमें हमारे पापों से मुक्ति दिलाने का कोई मार्ग बताएं. जिसके बाद भगवान शिव के पसीने की एक बूंद धरती पर गिरी और वह एक तेजस्वीं कन्या के रूप में परिवर्तित हो गई। उस कन्या का नाम नर्मदा रखा गया और उसे अनेकों वरदान दिये गये। भगवान शिव ने नर्मदा को माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी से नदी रूप में बहने और लोगों के पाप हरने का आदेश दिया।  भगवान शिव की आज्ञा सुनकर मां नर्मदा भगवान शिव से कहती हैं कि हे भगवान ! मैं कैसे लोगों के पापों को हर सकती हूं.तब भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान देते हैं कि तुम्हारा किसी भी प्रलय में नाश नही होगा , तुम अमर रहोगी और तुममें सभी पापों को हरने की क्षमता होगी।

एक आस संस्था द्वारा निबंध प्रतियोगिता आयोजित

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

बलरामपुर -- एक आस जनकल्याण संस्था द्वारा मानवाधिकार प्रशिक्षण एवं सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मानवाधिकार में अमूल्य समय व योगदान देने वाले स्वयंसेवियों के प्रशिक्षण हेतु आयोजित सह कार्यशाला के मुख्य अतिथि यूथ फ़ॉर ह्युमन राइट के राज्य संयोजक श्री सरवत हुसैन नकवी, विशिष्ट अतिथि सरगुजा सम्भाग की मदर टेरेसा सुश्री वन्दना दत्ता व कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्भागीय समन्वयक श्री कृष्णचन्द तिवारी सम्मिलित हुये। मुख्य अतिथि श्री नकवी सर जी के द्वारा मानवाधिकार को लेकर आर्टिकल, समाज मे ब्याप्त कुरीतियों के प्रति कैसे जागरूक किया जाये इस विषय पर सारगर्भित उद्बोधन देने के साथ ही पावर बूस्टर भरने का काम किया गया। सरगुजा सम्भाग में जिला समन्वयक व ब्लॉक समन्वयकों के प्रशिक्षण में यह जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समबोधन करते हुये विशिष्ट अतिथि सुश्री वन्दना दत्ता बुआ जी ने महिलाओं व बच्चों के सेंसेटिव विषय का ख्याल रखते हुये कैसे मानवाधिकार को जन जन तक पहुंचाने , लोगों को जागरूक करने  व प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुये कार्य करने का गुर सिखाये।  "एक आस जनकल्याण संस्था " के  निदेशक व कार्यक्रम के अध्यक्ष कृष्णचन्द तिवारी ने स्वागत उद्बोधन व कार्यक्रम के सफ़ल आयोजन के लिये सभी सहयोगियों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया साथ ही आशा जतायी कि भविष्य में हम सरगुजा समभाग के लिये बेहतर कार्य करेंगे। कार्यक्रम में विशेष सहयोग मदन मिश्रा , शन्तोषी नागे , लक्ष्मीदास , सुनीता तिर्की , मनोज एक्का , शंकर नायक , रंजीत सतपुते , कन्हाई बंजारा, निलेन्द्र मिश्रा , राकेश गुप्ता , संजय राजवाड़े के साथ सारी टीम का रहा। राज्य समन्वयक श्री नकवी सर व "एक आस" संस्था की संरक्षक सुश्री वन्दना दत्ता बुआ ने सभी समन्वयकों को अग्रीम शुभकामनायें दी। इसी तरह "एक आस" जनकल्याण संस्था व यातायात विभाग के द्वारा नगर के शिशुमन्दिर विद्यालय में सड़क सुरक्षा एवम जागरूकता अभियान के तहत हाईस्कूल के बच्चों के बीच निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया, स्वागत उदबोधन में "एक आस" संस्था के डायरेक्टर कृष्णचन्द तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा व सुरक्षा , स्वयं के लिये , समाज व परिवार के लिये हम कैसे पहल करें यह चर्चा की गई। जिला यातायात अधिकारी राजेन्द्र साहू के द्वारा सुरक्षा नियमों के पालन , उनके रोकथाम के उपाय व दुर्घटना के समय किन किन बातों का ध्यान रखें विषयों पर विस्तृत चर्चा किया गया। विद्यालय के प्राचार्य शंभुनाथ मिश्रा ने आभार प्रकट करते हुये कार्यक्रम से बच्चों को होने वाले फायदों को बताते हुये पूरे कार्यक्रम के लिये अपने विद्यालय के शिक्षकों व "एक आस" संस्था एवं यातयात विभाग को धन्यवाद ब्यक्त किया साथ ही निबन्ध प्रतियोगिता के प्रथम कु० श्रुति शर्मा , द्वितीय कु० समीक्षा दुबे ,  तृतीय राजेश कुमार काटले एवम 14 सांत्वना विजेताओं को बधाई दिये। सभी विजेताओं को ऑडिटोरियम बलरामपुर के समापन समारोह में पुरस्कृत किया जायेगा।

शांति के बिना द्विपक्षीय संबंध सम्भव नहीं -- श्रृंगला

 अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

मास्को -- विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने अपने दो दिवसीय मास्को अधिकारिक यात्रा के दौरान कहा कि चीन के साथ भारत के संबंध जटिल हैं और यदि सीमावर्ती इलाकों पर अतिक्रमण' होता है, तो दोनों देशों के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंध नहीं हो सकते। उन्होंने ‘डिप्लोमैटिक एकेडमी ऑफ रशियन मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स' द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि दोनों बड़े एशियाई देशों के बीच संबंध सीमा की सामान्य स्थिति पर निर्भर करते हैं। श्रृंगला ने मास्को से चीन को कड़ा संदेश देते हुये कहा जैसा कि हमने चीन में हमारे मित्रों से कहा है, यदि सीमावर्ती इलाकों पर शांति नहीं है तो हमारे बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंध नहीं हो सकते। ये संबंध सीमा पर सामान्य हालात पर निश्चित ही निर्भर करते हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि हमारे जवानों की जान जाये , सीमा पर अतिक्रमण की स्थिति हो और इसके बावजूद हमारे बीच सामान्य संबंध रहें। बता दें भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध बना हुआ है।श्रृंगला ने कहा, ‘पिछले कुछ दिन में हमने सीमा से बलों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। चीन के साथ भारत के संबंध जटिल हैं, लेकिन पिछले कुछ दशक में दोनों देशों के बीच संबंध में सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1980 के दशक में दोनों देशों ने फैसला किया था कि वे सीमा संबंधी मामलों पर मतभेदों को दूर रखेंगे और व्यापार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे अन्य क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। चूंकि सीमा पर हमारे दृष्टिकोण समान नहीं है , इस मामले को विशेष दूत देखेंगे। इस बीच हम व्यापार तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग विकसित करने पर काम करेंगे। पिछले कुछ साल में चीन के साथ व्यापार काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत की सीमा पर चीनी बलों की बड़ी संख्या में मौजूदगी और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण की कई कोशिशों ने संबंधों पर असर डाला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को अलग-थलग करने के अमेरिका के दृष्टिकोण के बारे में श्रृंगला ने कहा हिंद-प्रशांत को लेकर हमारा नजरिया यह है कि यह एक मुक्त एवं समावेशी क्षेत्र है, जहां देश सहयोग बढ़ाने, कनेक्टिविटी में सुधार करने , नियम आधारित एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विचार को प्रोत्साहित करने के लिये काम करते हैं, जिसमें नौवहन की स्वतंत्रता दी जाये। उन्होंने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए रूस के साथ निकटता से काम करना चाहता है और हिंद-प्रशांत के जिक्र के बिना भारत एवं रूस के संबंधों पर हर चर्चा अधूरी है। श्रृंगला ने रूस के साथ असैन्य परमाणु ऊर्जा , रक्षा , तेल एवं गैस और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जतायी। भारतीय विदेश सचिव और रूसी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दोनों देशों के बीच साझेदारी पर भी चर्चा की। इसी के साथ दोनों पक्षों ने कोरोना महामारी और कोरोना वैक्सीन वितरण के संयुक्त प्रयासों के अलावा अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी चर्चा की। श्रृंगला ने रूस के उप विदेश मंत्री मोर्गुलोव के साथ द्विपक्षीय संबंधों , बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों को लेकर चर्चा की। विदेश सचिव की मॉस्को में इस साल की पहली विदेश यात्रा का यह महत्व है कि भारत, रूसी संघ के साथ अपने घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को महत्व देता है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के निमंत्रण पर इस साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं। उनके कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है, क्योंकि दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिये तत्पर हैं। मास्को यात्रा के दौरान विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसका खुलासा किया।

Wednesday, February 17, 2021

मंगलवार से मुँगावली नगर में व्यास बृजगोपी पूज्या कृष्णा किशोरी जी की साप्ताहिक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुभारम्भ हो चुका है

संवाददाता : संदीप राठौर

मंगलवार से मुँगावली नगर में व्यास बृजगोपी पूज्या कृष्णा किशोरी जी की साप्ताहिक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुभारम्भ हो चुका है

इस संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 22 फरवरी तक मुँगावली नगर के भुजरिया तालाब रोड़ वार्ड 7 में बीजासन मंदिर पर प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शायं पाँच बजे तक किया जा रहा है। कथा व्यास किशोरी जी सभी को अपने शानदार वचनों में ज्ञान का मार्ग बता रही हैं और सैकड़ों महिला व पुरुष यहाँ पर प्रतिदिन ज्ञान का सौभाग्य प्राप्त करने आ रहे हैं। किशोरी जी ने बताया कि लोग आजकल खुद भगवान बन रहे हैं और बाद में गलत कार्यों से जेल भी भोग रहे हैं। जबकि संसार के कुछ ऐसा गलत अनुशरण करके खुद भगवान से दूर हो रहे हैं।

व्यास किशोरी जी अपनी कथाओं के वचनों से उध्दार का मार्ग खोल रहीं हैं जो सभी के लिए हितकर है। यह कथा वाचन लोग बड़े ही उत्साह व प्रेम से सुन रहे हैं।

चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के लिए फण्ड जारी होने की पूर्ण सम्भावना

संवाददाता : आर स्टीफन

रेलवे डिवीज़न बिलासपुर के पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल को छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग के अवर सचिव प्रेमसिंह घरेन्द्र द्वारा प्रेषित पत्र क्र०1458/बी-4/वित्त/चार/ज.शि./नवारायपुर अटल नगर, दिनांक 09/02/2021 प्राप्त होने पर चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के लिये सन्निकट छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्तुत होने जा रहे बजट में तयशुदा 50 प्रतिशत का वित्तीय फण्ड रिलीज़ होने और इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की दिशा में यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ कराए जाने की पूरी सम्भावना व उम्मीदें जाग उठी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के साथ छत्तीसगढ़ शासन के साथ साझा वित्तीय मंजूरी और परस्पर हुए ओएमयू के पश्चात फण्ड रिलीज़ नहीं होने के कारण रेल-विस्तारीकरण का कार्य रुक जाने से व्यथित होकर सरगुजा एवं शहडोल दोनों सम्भागों सहित सम्पूर्ण कोयलांचलवासी नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री भूपेष बघेल का ध्यानाकृष्ट कराने हेतु अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल ने गाँधी चौक मनेन्द्रगढ़ में करीब छः माह 25 अगस्त 2020 से लगातार प्रतिदिन घण्टानाद-सत्याग्रह जारी रखा है, इस दौरान उन्होंने अनेकों बार मुख्यमंत्री से भेंटकर-ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए राज्यशासन के हिस्से का फण्ड शीघ्र रिलीज़ करने का आग्रह करते रहे हैं, जिसे उन्होंने गम्भीरता से लेते हुए कोरिया जिले के प्रवास के दौरान सार्वजनिक तौर पर अपनी सकारात्मक सहमति भी व्यक्त करते रहे हैं, जिसके लिए सम्पूर्ण क्षेत्रवासियों ने कृतज्ञतापूर्वक मुख्यमंत्री के ऋणी व आभारी होते हुए पूरी उम्मीद लेकर प्रतीक्षा किये हुए हैं। पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य द्वारा 19 जनवरी को ही उपरोक्त मुद्दे के सन्दर्भ में इसी 22 फरवरी से प्रारम्भ होने जा रहे बजट सत्र में शामिल करने प्रस्ताव की पूरी फाईल न केवल मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दी थी, बल्कि हर हाल में फण्ड रिलीज़ हो जाने के लिए अपनी कारगर भूमिका हेतु कोरबा सांसद ज्योत्सना-चरणदास महंत,सविप्रा उपाध्यक्ष(राज्यमंत्री)गुलाब कमरो,विधायक डॉ.विनय जायसवाल एवं कोरिया कलेक्टर एस.एन. राठौर से भी सतत सम्पर्क बनाए हुए हैं। पटेल ने छत्तीसगढ़ शासन की ओर से उपरोक्त मुद्दे पर शीघ्र कार्यवाही और निराकरण के सन्दर्भ में उन्हें प्राप्त पत्र की प्रति जारी कर राज्य के मुख्यमंत्री के अनुग्रह से निकट भविष्य में प्रस्तुत होने जा रहे छत्तीसगढ़ शासन के वित्तीय बजट में चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के लिए फण्ड जारी होने की पूर्ण सम्भावना और उम्मीद को लेकर कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त किया है।

राज्यसभा में विपक्ष की कमान खड़गे को

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

नई दिल्ली--कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिाकर्जुन खड़गे राज्य सभा में नये नेता प्रतिपक्ष बनाये गये , उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का स्थान लिया है। राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी संसदीय बुलेटिन के मुताबिक, राज्यसभा सदस्य के तौर पर आजाद का कार्यकाल 15 फरवरी को खत्म होने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने खड़गे को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता प्रदान की है। पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नायडू को पत्र लिखकर खड़गे को उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने का अनुरोध किया था। मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्म 21 जुलाई 1942 को बिदर जिले में हुआ था , उनकी पढ़ाई-लिखाई गुलबर्गा में हुई। उन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की ,उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा और संघर्ष करके एक ऊंचा मुकाम हासिल किया। खड़गे 1969 में कांग्रेस में शामिल हुये , पहले वह गुलबर्गा में कांग्रेस शहर अध्यक्ष बने। इसके बाद 1972 में पहली बार विधायक बने  फिर 2008 तक लगातार वे 09 बार विधायक चुने जाते रहे। इसके बाद वे लगातार दो बार 2009 और 2014 में सांसद बने। खड़गे अपने राजनीतिक करियर में 09 बार विधायक और 02 बार सांसद रहे। कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले दलित नेता खड़गे 2014 से 2019 के बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता रह चुके हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें गुलबर्गा संसदीय सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। वे पिछले साल राज्य सभा के लिये पहली बार निर्वाचित हुये थे , वे उच्च सदन में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं।

संस्कार के लिये माँ सरस्वती की आराधना आवश्यक -- झम्मन शास्त्री

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

रतनपुर -- मां भगवती महामाया देवी मंदिर प्रांगण रतनपुर परिसर में गुप्त नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर आयोजित शतचंडी महायज्ञ आराधना महोत्सव मंगलमय वातावरण में संपन्न हो रहा है ,  इसी क्रम में बसंत पंचमी का पावन पर्व उल्लास पूर्वक मनाया गया। श्री सरस्वती मां की आराधना पूजन के बाद यज्ञाचार्य आचार्य पंडित  झम्मन शास्त्री जी महाराज ने सारगर्भित संबोधन में  मां शारदा की महिमा बताते हुये कहा कि बुद्धि एवं विचार की पवित्रता के लिये ,अज्ञान कृत अंधकार के निवारण हेतु तथा सत्य ज्ञान की प्राप्ति के लिये सरस्वती मां की नित्य आराधना करनी चाहिये। विद्या की  अधिष्ठात्री देवी की आज जयंती पर्व है , आज के दिन सरस्वती मां का प्राकट्य उत्सव मनाने की प्राचीन परंपरा है। भारत वर्ष धन्य है जहाँ ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश सृष्टि के आदि में प्रकट होते हैं वैसे ही आद्य शक्ति मां भगवती भी तीन रूपों में महाकाली , महालक्ष्मी एवं महासरस्वती के रूप में प्रकट होती है। हमारे सनातन धर्म में 64 प्रकार की कला के साथ साथ 32 प्रकार की विद्या तथा कहीं पर 16 प्रकार की विद्या का भी वर्णन है। विद्या और कला के साथ संगीत साधना के लिये सरस्वती मां की कृपा अनिवार्य है। सद्बुद्धि पूर्वक हमारे विचारों की पवित्रता बनी रहे , हम विवेक पूर्वक सत्कर्म के मार्ग में चलकर भगवत प्राप्ति के मार्ग में सफल हों , इसके लिये आज संकल्प लेने का दिन है। संस्कार प्रधान तथा संस्कृति प्रधान समाज एवं आदर्श राष्ट्र निर्माण के लिये मां सरस्वती से आज प्रार्थना करने का सौभाग्य  सुलभ हुआ। परिवार में सुमति हो इसके लिये आवश्यक है कि  सबके हित कल्याण की भावना से हम नित्य ईश्वर , धर्म और राष्ट्र भक्ति की कामना श्री चरणों में समर्पित करें। कहा गया है कि सा विद्या या विमुक्तये , आचार्य श्री ने कहा कि जहाँ ज्ञान है वहीं सार्थकता है। जिससे मुक्ति मिल जाये , ऋतेज्ञानान् मुक्तिः , दोष से, दुर्गुण से ,बुराइयो से एवं दुर्व्यसन से हम मुक्त रहें। भौतिक शिक्षा के साथ साथ अध्यात्म ज्ञान की भी आवश्यकता है। दुर्भाग्य है कि शिक्षा पद्धति में नीति और अध्यात्म का कोई समावेश नहीं है। ऐसी शिक्षा पद्धति से बच्चे ज्ञानवान , संस्कारवान , विचारवान एवं नैतिक मूल्यों से ओतप्रोत कैसे बनेंगे। शिक्षा स्वालंबन अभियान से युक्त है। किसी के पास बुद्धि है तो सकारात्मक चिंतन से मुक्त हो तो कल्याणकारी है, नहीं तो विस्फोटक है। उसी का प्रभाव है कि आतंकवाद , उग्रवाद , नक्सलवाद , माओवाद जैसी विचारधायें इनके पास ईश्वर ,धर्म और उपासना का आलम्बन ही नहीं है । ज्ञान के साथ आचरण  की पवित्रता आवश्यक है। आचारो परमो धर्मः आचारहीनं न पुनन्तिवेदाः, विद्या से विनम्रता आती है। विद्या ददाति विनयम् , गुरुकुल परंपरा लुप्त होने से माता पिता गुरु गोविंद के प्रति आस्था कम हो गई है, समाज में अनाचार , दुराचार ,व्यभिचार , अपराध बढ़ते जा रहे हैं। पूज्यपाद गुरुदेव भगवान पुरी शंकराचार्य जी इसीलिए प्रेरणा देते हैं  कि गुरु , गोविंद और ग्रंथ का बल जीवन में हो तभी जीवन सार्थक होता है। वसंत ऋतु ऋतुओं के राजा हैं। भगवान कृष्ण भी कहते हैं। ॠतुणांकुसुमाकरः , इसीलिये आज से इस महान पर्व पर हम विकृत ज्ञान विज्ञान का शोधन करें । लुप्त  ज्ञान विज्ञान को प्रकट करें तथा सुत्रात्मक ज्ञान को विषद करें और परंपरा प्राप्त ऋषियों ने लाखो वर्ष पूर्व से ही विज्ञान अध्यात्म एवं व्यवहार में सामंजस्य साधकर आर्षप्रषीत ग्रंथों का प्रतिपादन किया है, इस यांत्रिकी युग में उसकी उपयोगिता सिद्ध करते हुये लेखनी के द्वारा , वाणी के द्वारा , व्यवहार के द्वारा , समाज को दिशा प्रदान करने की आवश्यकता है। इसी शैली में पूज्यपाद पुरी शंकराचार्य महाभाग ने 200 ग्रंथों का लेखन कर अपने दिव्य वाणी के अमोघ प्रभाव से पूरे विश्व को प्रभावित किया है । सरस्वती मां का बीज मंत्र ( ऐं ) है । वाणी में दिव्यता लाने के लिये , बच्चों में स्थिर बुद्धि के लिये , अध्ययन में मन लगाने के लिये, इस मंत्र का जप अवश्य करना चाहिये। सरस्वती मां  को प्रसन्न करने के लिये सात्विक भाव से त्याग , संयम, सेवा , तपस्या , साधना एवं स्वाध्याय के प्रति आस्था को बढ़ाने की आवश्यकता है ।समाज में तामस प्रवृतियां बढ़ रही है लेकिन केवल भौतिक विकास के नाम पर बहिर्मुखता  बढ़ रही है जो गंभीर चिंतन का विषय है। अंत में शास्त्री जी ने कहा कि मां सरस्वती उन्हीं के ऊपर कृपा करती है जो परंपरा प्राप्त व्यासपीठ का सम्मान करते हुये उनके बताए आदर्श मार्ग का पालन करते हैं। महादिव्य आयोजन श्री मां महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट की ओर से जनकल्याणार्थ , राष्ट्र के सर्वविध उत्कर्ष के लिये किया गया है। सभी पदाधिकारी एवं श्रद्धालु भक्तजन  यज्ञ दर्शन परिक्रमा से लाभ उठाकर जीवन को धन्य बना रहे हैं। धर्म संघ पीठ परिषद ,आदित्य वाहिनी आनंद वाहिनी के सदस्य पदाधिकारी यहां पहुंचकर सेवा प्रदान कर रहे हैं। अंत में आचार्य श्री ने सभी भक्तों के लिये बसंत पंचमी की शुभ मंगलकामना प्रेषित की।

नास्काम फोरम में पीएम मोदी ने की आईटी इंडस्ट्री की सराहना

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

नई दिल्ली -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नास्काम) के टेक्नोलॉजी एंड लीडरशिप फोरम (एनटीएलएफ) को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारतीय आईटी इंडस्ट्री की भूमिका की सराहना करते हुये कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पूरे सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा की। इस मौके पर उन्होंने भारत के युवाओं की प्रतिभा को सलाम करते हुये कहा कि देश में कोरोना काल में भी सुधार का सिलसिला जारी रहा। पीएम ने कहा कि स्टार्टअप फाउंडर्स को सिर्फ वैल्यूशंस पर फोकस करने की बजाय इंस्टीट्यूशंस तैयार करने पर भी विचार करना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि यह एक ऐसा समय है जब दुनियां भारत की तरफ अधिक भरोसे और उम्मीद से देख रही है। कोरोना के दौरान भारत के ज्ञान-विज्ञान और तकनीकी ने ना सिर्फ खुद को साबित किया है बल्कि खुद को इवॉल्व भी किया है। एक समय था जब भारत स्माल पॉक्स के टीके आयात किये जाते थे और एक समय यह है कि भारत दुनियां के कई देशों को टीके निर्यात कर रहा है। भारत ने कोरोना के खिलाफ जबरदस्त जंग लड़ी है , पूरे विश्व में भारतीयों का दबदबा बढ़ा है यह एक सकारात्मक कदम है।पीएम मोदी ने कहा कि आईटी उद्योग की सबसे बड़ी ताकत भारत की विशाल जनसंख्या है और यहां के लोगों द्वारा नया समाधान अपनाने की इच्छा है। स्टार्टअप फाउंडर्स को इस पर विचार करना चाहिये कि किस तरह वे इंस्टीट्यूशंस का निर्माण कर सकते हैं और उन्हें सिर्फ एग्जिट स्ट्रेटजी के तहत वैल्यूशंस को लेकर नहीं सोचना चाहिये। पीएम ने इस पर जोर दिया कि स्टार्टअप को ऐसे इंस्टीट्यूशंस का निर्माण करना चाहिये जो ऐसे विश्व स्तरीय उत्पाद तैयार कर सके जो एक्सीलेंस के मामले में बेंचमार्क स्थापित कर सके। पीएम ने कहा हमें खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिये और ना ही चुनौती से पलायन करना चाहिये। नये भारत में हर भारतवासी प्रगति के लिये अधीर है , भारत में विचारों की कमी नहीं है बल्कि इसे ऐसे मेंटर्स की जरूरत है जो उन विचारों को साकार कर सके। हमारी सरकार नये भारत के युवाओं की इस भावनाओं को समझती है। एक सौ तीस करोड़ से अधिक भारतवासियों की आकांक्षायें हमें तेजी से आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करती है। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार टेक इंडस्ट्री की जरूरत को समझती है, सरकार ये भलीभांति जानती है कि बंधनों में भविष्य की लीडरशिप विकसित नहीं हो सकती। इसलिए सरकार की ओर से टेक इंडस्ट्री को अनावश्यक रेग्युलेशंस से, बंधनों से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है ।डिजिटल इंडिया ने लोगों को सशक्त किया है और सरकार से जोड़ा है, जहां कोरोनाकाल में हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर आईटी सेक्टर में दो फीसदी ग्रोथ हुई है। डिजिटल पेमेंट से करप्शन कम हो रहा है।पीएम ने कहा कि पारदर्शिता गुड गवर्नेंस की सबसे अहम शर्त होती है और यही बदलाव अब देश की शासन व्यवस्था टर हो रहा है। यही कारण है कि हर सर्वे में भारत सरकार पर जनता का भरोसा मजबूत से मजबूत होता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आईटी इंडस्ट्री को सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत ग्रामीण बच्चों में लैटरल थिंकिंग को विकसित करने पर जोर देना चाहिये क्योंकि यह भारत के लिये गेमचेंजर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बंधनों में भविष्य की लीडरशिप विकसित नहीं हो सकती है इसलिये टेक इंडस्ट्री को अनावश्यक रेगुलेशंस से बाहर निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिये मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस का वादा पूरा करने में आसानी हुई है। इसके अलावा आईटी के कारण कम समय में ही भारत कैश इकोनॉमी से लेस-कैश इकोनॉमी की तरफ शिफ्ट हुआ है। पीएम ने कहा कि डिजिटल तकनीकी ने काले धन से जुड़ी समस्याओं में कटौती की है। अब सभी प्रोजेक्ट्स की जियो टैगिंग की जा रही है ताकि वो समय से पूरे हो सकें और टैक्स से जुड़े मामलों में भी मानवीय हस्तक्षेप कम किया जा रहा है।


तीन दिनों तक जारी रहेगा सम्मेलन


बता दें कि एनटीएलएफ के 29वें सम्मेलन का आयोजन 17 से 19 फरवरी तक किया जा रहा है। यह सम्मेलन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नास्काम) आयोजित करता है। इस वर्ष 2021 में जो आयोजन हो रहा है, उसका विषय ‘शेपिंग द फ्यूचर टूवार्ड्स ए बेटर नॉर्मल’है। इस सम्मेलन में 30 से अधिक देशों के करीब 1600 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और आयोजन के दौरान 30 से अधिक उत्पाद दिखाये जायेंगे।

Tuesday, February 16, 2021

आसमानी बिजली गिरने से युवती की मौत, खेत में कर रही थी काम

लखनादौन से पूजा सोनी की रिपोर्ट

लखनादौन तहसील के अंतर्गत आदेगांव थाना क्षेत्र के ढाना गांव में आसमानी बिजली गिरने से 13 वर्षीय युवती  की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक ढाना गांव की 13 वर्षीय युवती शिवकुमारी पुत्री चन्द्र लाल खेत में काम करने के लिए गई थी। इस दौरान मौसम खराब हो गया। अचानक ही आसमान से युवती पर बिजली गिरी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि बिजली गिरने से युवती पूरी तरह से झुलस गई थी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर लड़की शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लखनादौन भेज दिया है।

भारत ने इंग्लैंड पर दर्ज की रिकॉर्ड जीत

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

चेन्नई -- भारत और इंग्लैंड के बीच चार मैच की सीरीज का दूसरा टेस्ट चेन्नई के एम०ए० चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया। इस दूसरे टेस्ट मैच में चौथे दिन भारत ने लेग स्पिनर (5/60) अक्षर पटेल और रविचंद्रन आश्विन (3/53) की शानदार गेंदबाजी से इंग्लैंड को 317 रनों के बड़े अंतर से हराकर रिकॉर्ड जीत दर्ज की। इंग्लैंड की ओर से आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज मोईन अली रहे ,  कुलदीप यादव ने उन्हें ऋषभ पंत के हाथों स्टंप कराया , कुलदीप का ये दूसरा विकेट रहा। मोईन अली ने 18 गेंदों में 43 रन बनाये. वे इंग्लैंड की ओर से टॉप स्कोर रहे। वहीं, भारत की ओर से अक्षर पटेल ने सबसे ज्यादा 05 विकेट लिये , वे डेब्यू टेस्ट में ऐसा करने वाले देश के छठवें गेंदबाज बनें। इसके अलावा आर अश्विन ने 03 और कुलदीप यादव ने भी 02 विकेट झटके। टीम इंडिया ने चार मैचों की इस सीरीज में 1-1 की बराबरी करते हुये पहले टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों मिली हार का चूकता कर लिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि इंग्लैंड की टीम चौथे पायदान पर खिसक गई है। टीम इंडिया ने पहली पारी में 329 रन बनाये। पहले पारी में इंग्लैंड की बल्लेबाजी फ्लाप रही , अपनी पहली पारी में इंग्लैंड के बल्लेबाज कोई कमाल नहीं दिखा पाये और उनकी पूरी टीम 134 रनों पर ही सिमट गई। इसकी बदौलत भारत को पहली पारी के आधार पर 195 रनों की बढ़त हासिल हुई थी , आश्विन ने इंग्लैंड की पहली पारी में भी 05 विकेट अपने नाम किये थे।  इसके बाद फिर से बल्लेबाजी करने उतरी भारत ने अपनी दूसरी पारी में रविचंद्रन अश्विन के बेहतरीन शतक की बदौलत दूसरी पारी में 286 रन बनाये और इंग्लैंड को 482 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुये मेहमान टीम 164 रन ही बना सकी और उसे 317 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी। मैन ऑफ द मैच रहे अश्विन ने मुकाबले में कुल 08 विकेट झटके और दूसरी पारी में शतक भी जड़ा। उनके अलावा अपने केरियर का पहला टेस्ट मैच खेल रहे अक्षर पटेल ने इस टेस्ट मैच में कुल 07 विकेट अपने नाम किये। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को दोनो बार अपना शिकार बनाया और इंग्लैंड की दूसरी पारी में अपने डेब्यू टेस्ट में ही 05 विकेट अपने नाम किया। इस टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम इसी मैदान पर सीरीज के पहले टेस्ट मैच में हार गई थी ,  वह चार टेस्ट की सीरीज में 0-1 से पिछड़ चुकी थी लेकिन अब यह सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है। भारत ने इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ वर्ष 1986 में 279 रनों से जीत दर्ज की थी। वहीं, इंग्लैंड की टीम की यह रनों के लिहाज से एशिया में सबसे बड़ी हार है। इंग्लैंड की टीम इससे पहले भारत के खिलाफ ही वर्ष 2016 में 246 रनों से टेस्ट मैच गंवाया था। रनों के लिहाज से यह टीम इंडिया की अबतक की पांचवीं सबसे बड़ी जीत है। भारत ने छठी दफा 300 के ऊपर रनों से मैच में जीत हासिल की है, जिनमें से पांच ऐसी जीत विराट कोहली की कप्तानी में आई है। टीम इंडिया को पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड के हाथों 227 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। अब सीरीज के बाकी दो टेस्ट मैच सरदार पटेल स्टेडियम (मोटेरा) अहमदाबाद में खेले जायेंगे। सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच पिंक बॉल से होगा। दोनों टीमें 24 फरवरी से पहली बार गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगी , यह मैच दोपहर 02:30 बजे से शुरू होगी।

हम नई सब्जी मंडी बनाएंगे नगर परिषद में कांग्रेस के अध्यक्ष व पार्षद को जीत दर्ज कराकर बेठाइये - लक्ष्मण सिंह

बीनागंज - बढ़ती महंगाई व तीन कृषि काले कानूनों को रद्द करने के लिए विधायक लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में नगर बीनागंज में विशाल धरना आंदोलन का आयोजन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा किया गया जिसकी शुरुआत बीनागंज नगर के सुप्रसिद्ध  धार्मिक स्थान रामानंद आश्रम से कांग्रेस जन द्वारा बैलगाड़ी पर मोटरसाइकिल गैस सिलेंडर रखकर पैदल मार्च करते हुए राजीव गांधी चौराहे बीनागंज मे बने मंच तक प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान विधायक लक्ष्मण सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसान का इतिहास सबसे पुराना इतिहास है 15000 साल पुराना इतिहास है मोदी जी और भाजपा इस बात को ना भूलें कि नंद बाबा और मैया जसोदा भी किसान थे जिन्होंने भगवान कृष्ण को पाल पोस कर बड़ा किया था 15000 साल से जो किसान किसानी कर रहा है उसको समझाने कौन आ रहा है नरेंद्र मोदी जिसने कभी ट्रैक्टर नहीं चलाया जिसने कभी किसानी नहीं कि सिर्फ चंदा उगाया है और भाग्य से प्रधानमंत्री बन गया। अब समय कुर्सी से हटने का आ रहा है निश्चित रूप से 2024 में भाजपा सरकार का सूपड़ा साफ होगा प्रदेश के किसान ने कभी यह मांग नही की इस तरह का कानून लाएंगे तो भाजपा की सरकार बनाएंगे।

भाजपा सरकार में बार बार सिर्फ धर्म और राजनीति को जोड़कर वोट लेकर आती है यदि हम धर्म को राजनीति से अलग कर दें तो उन्हें कोई पूछने वाला नहीं मिलेगा हमारे देश में अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोग निवासरत हैं। 

कांग्रेस पार्टी ने कभी भी ऐसा नहीं किया हमारे सिद्धांत और विचारधारा ऐसी नहीं है कि धर्म के नाम पर राजनीति करे। 

मैं धर्मगुरुओं से आग्रह करता हूं हाथ जोड़कर और पैर छूकर आग्रह करता हूं कि आप इन लोगों को बोलिए कि धार्मिक कथाओं कराओ लेकिन राजनीति मत करो।

गैस सिलेंडर डीजल पेट्रोल महंगा हो गया है सबसे ज्यादा परेशानी हमारी माता बहनों को होती है उन्हें घर चलाना पड़ता है। 

जब से चंदा वसूली शुरू हुई है मंदिर के नाम पर तब से ही सरकार ने फैसला लिया है बस स्टैंड बेच देंगे सब्जी मंडी बेच देंगे। हमारे नगर बीनागंज की सब्जी मंडी बस स्टैंड बेच दिया बताओ हमारे माली समाज के लोग सब्जी विक्रेता कहां बैठेंगे। 

मैंने रेन बसेरा व महिला शौचालय के लिए राशि दी थी लेकिन इन्होंने नहीं बनाया क्योंकि मैं कांग्रेस का विधायक हूं। 

प्रशासन को सबसे ज्यादा जल्दी पड़ी थी बस स्टैंड व सब्जी मंडी खाली कराने की हमारे 200 से 300 छोटे-छोटे सब्जी विक्रेताओं को धमका रहे थे उनको हटाया गया हमारे सब्जी विक्रेताओं के पीछे हम हैं और हमारे कार्यकर्ताओं की जनता खड़ी है सब्जी विक्रेताओं को नई जगह बैठाया गया मुझे लोगों ने बताया कि ऐसी जगह बैठाया गया है यह तीनों तरफ से गंदा नाला है हमारी माताएं बहने ढलिया लेकर सब्जी बेचती है उन्हे गंदे नाले के पास बैठाया गया। 

अब नई सब्जी मंडी बनाएंगे आप नगर परिषद् में कांग्रेस के अध्यक्ष और पार्षदों को जिताइये  हमारे नागरिक अच्छी जगह की सब्जी खाए ना कि ऐसी जगह की सब्जी खाएं जो कि गंदे नाले के पास बिकती हो। 

जब से मैं विधायक बना व कांग्रेस की सरकार बनी तब से भय व डर का माहौल खत्म हो गया था लेकिन अब पुनः डर का वातावरण बनाने का काम चालू कर दिया है हमारे कार्यकर्ता शिवराज मीना की गाड़ी तोड़ दी मैं चुनौती देता हूं ऐसे लोगों को यदि हमारे कार्यकर्ता व जनता को डराया धमकाया तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। 

अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है अभी फसल बीमा नहीं मिला है आज के ज्ञापन में फसल बीमा दिलाने, बढ़ती मंहगाई व विरोध एवं तीन काले कानून रद्द करने की बात कही है। समापन पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने तहसीलदार को ज्ञापन सभी कार्यकर्ताओं के साथ जनता के समक्ष दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बल्लू चौहान कालापहाड़, जिला अध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय, मान सिंह परसौदा, वीरेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ संजय मीना, ब्लॉक अध्यक्ष भोजराज लोधी, नारायण सिंह भील, कैलाश चौकसे, शहर काँग्रेस अध्यक्ष बीनागंज प्रदीप सोनी, गजेंद्र सिंह चौहान, सर्जन सिंह शिल्पकार जिलामहासचिव आई टी सेल काँग्रेस, पर्यवेक्षक नीलू दुवे, ब्लॉक अध्यक्ष महिला काँग्रेस किरण मंडलोई, श्रीमती सीमा सैनी, अमिता सोनी, प्रेमनारायण झाबा, अनिरुध मीना, युका वि अध्यक्ष रोहित मीना, प्रदेश सचिव एनएसयूआई सौरभ यादव, शिवराज मीना देदला,मनमोहन शर्मा, मनोज राठौर, प्रदीप सिंह राजपूत, प्रीतम प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, राधेश्याम मीना, रामदास राजपूत, संतोष अहिरवार, खेमराज नेगी, राजेंद्र राजपूत बांसखेड़ी, दशरथ राव, संजय झाबा, भूपेंद्र शिल्पकार, गणेश सैनी, सतीश यादव, आमीन खांन, जावेद खान, राकेश भील, विवेक गुर्जर आदि मौजूद रहे।

समस्त तीर्थों में क्षमा परम तीर्थ --- पुरी शंकराचार्य

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

जगन्नाथपुरी -- ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्री निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज विभिन्न प्रकार की शुद्धियां एवं उसकी महत्ता के संबंध में संकेत करते हैं कि संसार में मन तथा इन्द्रिय का संयम अर्थात दम के समान अन्य कोई धर्म नहीं है। लोक में सर्व धर्म के विचारशील महानुभावों ने अपने-अपने धर्म की आधारशिला के रूप में इन्द्रिय और मनोनिग्रहरुप दम को स्वीकार कर इसे सार्वभौम धर्म सिद्ध किया है। धर्म का सार सुनकर उसे धारण करना चाहिये। दूसरों के द्वारा किये हुये जिस बर्ताव को अपने लिये नहीं चाहते , उसे दूसरों के प्रति भी नहीं करना चाहिये। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कहते हैं कि हे अर्जुन, स्वयं को सुख अभिमत है और दु:ख अनभिमत ; तद्वत् अन्यों को भी सुख अभिमत है और दु:ख अनभिमत। अतएव अन्यों से अपने प्रति अपेक्षित अहिंसा , सत्य , अस्तेय , ब्रह्मचर्य और अपरिग्रहादि संज्ञक मानवोचित शील का निर्वाह अन्यों के प्रति भी स्वसदृश करनेवाला योगी परमोत्कृष्ट मान्य है। मनुष्य दूसरों द्वारा किये हुये जिस व्यवहार को अपने लिये उचित नहीं मानता  , दूसरों के प्रति भी वह वैसा ना करे । उसे यह जानना चाहिये कि जो हिंसा , असत्य , चौर्य , व्यभिचार आदि बर्ताव अपने लिये अप्रिय है , वह दूसरों के लिये भी प्रिय नहीं हो सकता। जिसमें धैर्यरूप कुण्ड और सत्यरूप जल भरा हुआ है तथा जो अगाध , निर्मल और अत्यन्त शुद्ध है, उस मानस तीर्थ में सदा सच्चिदानन्दस्वरुप सर्वेश्वर के समाश्रित रहकर स्नान करना चाहिये। क्षमाशील को यश , स्वर्ग तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। अतएव क्षमावान् साधु कहलाता है, क्षमी देवतुल्य है । शम , दम , यज्ञ , दान , तप , अहिंसादि सद्गुण क्षमा का ही अनुगमन करते हैं , क्षमाशील और क्षमा दोनों ही तीर्थ हैं। महाभारत आश्वमेधिकपर्व में भगवान कहते हैं कि हे पाण्डव ! समस्त तीर्थों में भी क्षमा परम तीर्थ है, क्षमाशील पुरूषों को इस लोक और परलोक में भी सुख मिलता है। मन:शुद्धि , क्रियाशुद्धि , कुलशुद्धि , शरीरशुद्धि और वाक् शुद्धि -- इस तरह  पांच प्रकार की शुद्धि बतायी गयी है। इन पांच प्रकार की शुद्धियों में मन:शुद्धिरूप हृदय का शौच उत्कृष्ट है। हृदय के शुद्ध होने पर मनुष्य स्वर्ग को प्राप्त होते हैं। आत्मारुप नदी परम पावन तीर्थ है , यह सब तीर्थों में प्रधान है। आत्मा को सदा यज्ञरूप माना गया है , स्वर्ग तथा मोक्ष सब आत्मा के ही अधीन हैं। जीवन में प्रज्ञान -- स्वरूप आत्मतत्व का विज्ञान ही त्रिविध शरीर की शुद्धि का सर्वोत्कृष्ट स्वरूप है। सम्प्राप्त संसाधनों में ममत्व का अभाव तथा निष्किञ्चनभाव और मन की प्रसन्नता शुद्धि है। भावतीर्थ परम तीर्थ है, सब कर्मों में वह प्रमाण है । पत्नी का लिङ्गन अन्य भाव से और पुत्री का लिङ्गन अन्य भाव से होता है । त्रिपथगा गङ्गा भारत के पूर्वोत्तर में  प्रवाहित है । महातीर्थस्वरूप महोदधि भारत के पूर्व , पश्चिम और दक्षिण में प्रवाहित है। गङ्गा और सागर का सङ्गम सनातनियों का सर्वमान्य सनातनतीर्थ है। महाभारत भीष्मपर्व तथा योगशिखोपनिषत् में उल्लेखित वचनों के अनुशीलन से गङ्गा, सागर और तद्वत् गङ्गासागर का माहात्म्य हृदयङ्गम करने योग्य है।सूर्यमण्डलान्तर्गत सूर्यस्वरूप सर्वरूप अप्रतिरूप शिव अपनी ध्वजा और पताका पर सूर्य का चिन्ह धारण करते हैं। त्रिकोण रक्तवर्ण के वस्त्र पर अंकित श्वेत वर्ण के सूर्य को वैदिक ध्वज माना गया है।

बसंत पंचमी पर वैदिक मंत्रों द्वारा 200 बच्चों ने हिस्सा लेकर करवाया विद्यारंभ संस्कार

संस्कार हमारी पहचान - श्री पारीक


राघौगढ - विद्याभारती प्रांतीय योजना से सरस्वती शिशु मंदिर लालापुरा में छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार वैदिक मंत्रों के द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि कथा वाचक पुरुषोत्तम जी पारीक ने बताया कि बसंत पंचमी माता सरस्वती का विशेष दिवस रहता है। इसी दिन से छोटे छोटे भैया/बहिनों का विद्यारंभ संस्कार किया जाता है। जिससे बच्चों पर सरस्वती की कृपा सदैव बनी रहें। संस्था के प्राचार्य दिनेश तिवारी जी ने बताया कि आचार्य परिवार ने नगर में संपर्क करके 03 से 05 साल तक के बच्चों का पंजीयन किया और यज्ञाचार्य मनोज पारीक, कुलदीप भारद्वाज ने विधिवत् 11 कुंडी यज्ञ एवं विद्यारंभ संस्कार सम्पन्न कराया। जिसमें नगर एवं आसपास के ग्रामीण परिवारों के 200 बच्चों ने हिस्सा लेकर विद्यारंभ  संस्कार करवाया। इस दौरान मुख्य रुप से रेखा पारीक, महिमा राजपूत, चंचल शर्मा, सिंकी साहू, उमलेश पंथी, दीक्षा राजपूत, अमिता शर्मा, ज्योति जोशी, प्रियंका सैनी, वंदना कश्यप, भगतसिंह यादव, महेन्द्र पालिया, दशरथ सेलर, रवि यादव, अनिल मेर आदि आचार्य परिवार का विशेष सहयोग रहा ।

Monday, February 15, 2021

नमन ओझा ने कहा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

इंदौर -- लगभग दो दशक तक घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा ने इंदौर होल्कर स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फार्मेट को अलविदा कह दिया। हालांकि वे घरेलू टी-20 फार्मेट में खेलते हुये दिखायी दे सकते हैं। संन्यास की घोषणा करते समय उनकी आंखे नम हो गई थी। हालांकि नमन ओझा घरेलू टी-20 फार्मेट में खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं। सन्यास की घोषणा करते समय नमन ओझा ने बताया कि अब वह अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को आगे नहीं बढ़ा सकते, उनका कमर दर्द उन्हें लगातार परेशान कर रहा है, साथ ही अब वे परिवार को भी समय देना चाहते हैं, यही वजह है कि उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के रहने वाले नमन ओझा ने भारत के लिये एक टेस्ट, एक वनडे और दो अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच खेले हैं जबकि घरेलू किक्रेट और आईपीएल में भी उनकी करियर शानदार रहा है। नमन ओझा के नाम रणजी ट्रॉफी में विकेटकीपर के रूप में सबसे ज्यादा 351 शिकार करने का रिकॉर्ड है।

लंबे समय से टीम से रहे बाहर ....


नमन ओझा लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर थे , उन्होंने 2010 में अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की शुरूआत की थी। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और टी-20 फॉर्मेट में डेब्यू किया था , उन्होंने वर्ष 2015 में अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था। जिसके बाद से ही वह भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे थे।  


आईपीएल में रहा शानदार  करियर 


विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा का आईपीएल करियर शानदार रहा। उन्होंने 113 आईपीएल मैच खेले, जिनमें ओझा ने 94 इनिंग्स में 118.35 की स्ट्राइक रेट से 1554 रन बनाये , इस दौरान उनका सर्वोत्तम स्कोर 94 रहा। वे आईपीएल में बड़े हिट मारने के लिये जाने जाते थे। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 06 अर्धशतक लगाते हुये 121 चौके और 79 छक्के मारे हैं। ये आईपीएल की शुरुआत के साथ राजस्थान रॉयल्स से जुड़े थे , जहां शेन वार्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहला आईपीएल खिताब दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही थी। नमन ओझा ने राजस्थान रॉयल्स के लिये कई मौकों पर बड़ी पारियां खेली थी। इसके अलावा वे सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से भी खेले और चैपियन टीम का हिस्सा बने। ओझा दिल्ली डेयरडेविल्स के लिये भी खेले हैं। इन्होंने 17 साल की उम्र में मध्यप्रदेश के लिये क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने 2008-09 के चैलेंजर ट्रॉफी के दौरान अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था. जबकि 2013-14 में क्रिकेट के घरेलू सत्र में मध्यप्रदेश के लिये सर्वाधिक 835 रन बनाये थे जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। नमन ओझा ने घरेलू क्रिकेट में विकेटकीपिंग करते हुये 351 शिकार किये हैं। 


 घरेलू क्रिकेट का सफर ....


नमन ओझा के रणजी क्रिकेट करियर की बात की जाये तो इस बल्लेबाज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 41.67 की औसत से 143 मैचों में 9753 रन बनाये हैं. जिनमें 22 शतक और 55 अर्धशतक भी शामिल हैं। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 219 रहा। पिछले साल उन्होंने उत्तरप्रदेश के खिलाफ अपना आखिरी रणजी मैच खेला था।

संत सेवालाल जयंती पर निकाली भव्य शोभायात्रा, 5000 लोग हुए शामिल, बंजारा समाज ने दिखाई एकजुटता

संवाददाता : श्रीवास्तव

समाज को सिर्फ धर्म ही नहीं राष्ट्र से भी जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है संत सेवालाल महाराज जी के जीवन से...

उक्त उदगार संत श्री सुखदेव महाराज ने बंजारा युवा संघ द्वारा आयोजित संत सेवालाल जयंती कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित जनो को सम्बोधित करते हुए मून्दी मे व्यक्त किए। इसके पूर्व एक विशाल शोभायात्रा नगर की मुख्य मार्गो से निकाली गई। जिसमे 5000 बंजारा समाज के लोग शामिल हुए। समाज की महिलाए भी बडी संख्या मे बंजारा परिधान के साथ शोभा यात्रा मे सम्मिलित हुई। शोभायात्रा का मून्दी नगर मे जन प्रतिनिधियो और गणमान्यजनो ने स्वागत किया। जय सेवालाल के जयकारे भी गून्जे।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री करेंगे जी-7 बैठक की अध्यक्षता

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

लंदन -- इस वर्ष 19 फरवरी को होने वाले  जी-7 की बैठक में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार यह बैठक जून में ब्रिटेन की अध्यक्षता में होने वाली इस शक्तिशाली समूह के शिखर सम्मेलन का ही एक हिस्सा है।अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन भी बैठक में कोरोना वायरस , वैश्विक अर्थव्यवस्था और चीन के साथ उनके व्यवहार को लेकर चर्चा करेंगे। व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार यह अप्रैल के बाद से दुनियां के अमीर लोकतंत्र के जी-7 समूह के शीर्ष नेताओं की पहली बैठक है। इस सम्मेलन में भारत , दक्षिण कोरिया और आस्ट्रेलिया के नेताओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हिस्सा लेंगे जबकि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बता दें अमेरिका के नये राष्ट्रपति जो बिडेन पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बतौर राष्ट्रपति सम्बोधन करेंगे। इस दौरान वे  कोरोना वायरस से निपटने के लिये वैश्विक सहयोग की आवश्यकता और बहुपक्षीय संबंधों को लेकर अपना पक्ष रखेंगे. साथ ही कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम यानि वेक्सीन के निर्माण , वितरण और आपूर्ति को लेकर भी जानकारी साझा कर सकते हैं। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से अमेरिकी लोगों को कई सारी उम्मीदें हैं, ऐसे में बतौर राष्ट्रपति जो बिडेन के संबोधन के अलावा इंटरनेशनल मार्केट पर भी सबकी खास नजर होगी। वे औद्योगिक राष्ट्रों की आवश्यकता पर बात करेंगे , ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी अर्थव्यवस्था के बेहतर होने से ‘‘महिलाओं और वंचित समूहों के सदस्यों सहित सभी श्रमिकों को लाभ मिले। व्हाइट हाउस के अनुसार विश्व की प्रमुख लोकतांत्रिक बाजार अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ यह वर्चुअल बैठक वैश्विक कोरोना महामारी को पराजित करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण की योजना पर चर्चा करने हेतु राष्ट्रपति बिडेन के लिये एक अवसर प्रदान करेगा।


जी-7 क्या है ?


जी-7 दुनियां की सात सबसे बड़ी कथित विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है। इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं , इसे ग्रुप ऑफ़ सेवन ( जी-7 समूह) भी कहते हैं। शुरुआत में यह छह देशों का समूह था , इसकी पहली बैठक साल 1975 में हुई थी। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक संकट के संभावित समाधानों पर विचार किया गया था। पिछले साल कनाडा इस समूह में शामिल हो गया और इस तरह यह जी-7 बन गया। इस समूह की अध्यक्षता प्रत्येक सदस्य देश बारी-बारी से करता है और दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है। शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की जाती है, जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र होता है।

Sunday, February 14, 2021

पीएम ने तमिलनाडु और केरल को सौंपी कई सौगातें

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

चेन्नई -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को तमिलनाडु की राजनीति चेन्नई पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने यहां तमिलनाडु को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी और सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे को अर्जुन टैंक सौंपा। भारत में बने इस टैंक को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस मौके पर पीएम मोदी को मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन ने सलामी भी दी।पीएम ने यहां 3,770 करोड़ रुपये की लागत से बने चेन्नई मेट्रो रेल फेज-1 एक्सटेंशन का उद्घाटन किया और वाशरमेनपेट से विम्को नगर तक यात्री सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। चेन्नई मेट्रो का 09.05 किमी लंबा यह एक्सटेंशन नॉर्थ चेन्नई को एयरपोर्ट और सेंट्रल रेलवे स्टेशन से जोड़ेगा। उन्होंने आईआईटी मद्रास के डिस्कवरी कैंपस की आधारशिला रखी। यह कैंपस चेन्नई के पास थाईरूर में बनाया जायेगा। पहले चरण में दो लाख वर्ग मीटर से अधिक एरिया में बनने वाले इस कैंपस के निर्माण में 1000 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। उन्होंने ग्रैंड एनीकट नहर प्रणाली के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की आधारशिला  रखी। इस नहर का आधुनिकीकरण 2,640 करोड़ रुपये की लागत से होगा, यह नगर डेल्टा वाले जिलों में सिंचाई व्यवस्था के लिये काफी महत्वपूर्ण है , इससे नहरों में जल वहन करने की क्षमता बढ़ेगी। पीएम ने चेन्नई में मेट्रो रेल फेज़-1 एक्सटेंशन का उद्घाटन किया और वाशरमेनपेट से विम्को नगर तक यात्री सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने चेन्नई में 293.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ‘चेन्नई बीच और अट्टिपट्टु’ के बीच चौथी रेलवे लाइन का उद्घाटन किया। यह 22.1 किमी खंड, चेन्नई और तिरुवल्लूर जिलों से होकर गुजरता है। इसके बनने से चेन्नई बंदरगाह और इसके आसपास ट्रेफिक कम होगा। रेल्वे का यह खंड चेन्नई बंदरगाह और एन्नोर बंदरगाह को आपस में जोड़ता है। पीएम मोदी ने विल्लुपुरम-कुड्डालोर-मयिलादुथुरई-थंजावुर और मयिलादुथुरई- थिरुवरुर में सिंगल लाइन रेलवे खंड के विद्युतीकरण का उद्घाटन भी किया। 423 करोड़ रुपये की लागत से बने 228 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के विद्युतीकरण से चेन्नई एग्मोर और कन्याकुमारी के बीच ट्रैक्शन बदले बिना ही सुचारू रूप से यातायात सुनिश्चित होगा , इससे प्रतिदिन करीब 14.61 लाख रुपये के ईंधन की बचत होगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि चेन्नई के लोगों के स्वागत से अभिभूत हूं। चेन्नई उत्साह से भरा है ,  यह ज्ञान और रचनात्मकता का शहर है। चेन्नई को सौंपी गई परियोजनाएं नवाचार और स्वदेशी विकास का प्रतीक हैं। येपरियोजनायें राज्य की तकनीकी और आधुनिकीकरण को आगे बढ़ायेंगी। राज्य के किसानों ने अनाज उत्पादन में अहम भूमिका निभायी। तमिलनाडु ने जल संचय को सदियों से बढ़ावा दिया. आज जल दुनिया में सबसे अहम मुद्दा है। यहां के बेहद पुरानी सिंचाई परियोजना का अब आधुनिकीकरण होगा। संबोधन के दौरान पीएम ने पुलवामा अटैक में शहीद होने वाले जवानों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि दो साल पहले इसी दिन पुलवामा हमला हुआ था , हम उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्हें हमने आतंकी में गंवा दिया था ,  हमें अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है। पुलवामा के शहीदों की बहादुरी से पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने कई बार दिखाया है कि वो मातृभूमि की रक्षा करने में पूरी तरह से समर्थ है। उन्होंने ये भी दिखाया कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन भारत किसी भी हालत में अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। हम अपने सशस्त्र बलों को दुनिया में सबसे ज़्यादा मॉडर्न फोर्स बनाने की दिशा में आगे भी काम करते रहेंगे। इसी के साथ भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में फोकस तेज़ी के साथ आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही हमारा फोकस रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर चल रहा है , हमारे सशस्त्र बल साहस का परिचय देते हैं। दुनियां भारत की तरफ सकारात्मकता से देख रही है। अर्जुन टैंक को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, 'मुझे स्वदेशी रूप से डिजाइन किये गये और बनाये गये अर्जुन मेन बैटल टैंक(एमके-1ए) को सौंपते हुये गर्व है। ये स्वदेशी गोलाबारूद का भी इस्तेमाल करता है। तमिलनाडु पहले ही भारत का ऑटोमोबाइल निर्माण का हब है, अब मैं तमिलनाडु को भारत के टैंक निर्माण के हब के रूप में विकसित होते देखता हूं। प्रधानमंत्री ने रिकॉर्ड फसल उत्पादन और जल संसाधनों के अच्छे उपयोग के लिये तमिलनाडु के किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमें पानी के संरक्षण के लिये जो भी कदम हो उसे उठाना चाहिये। हमे 'एक बूंद, अधिक फसल' का मंत्र याद रखना होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री केरल के कोचीन पहुंचे। यहां पर पीएम मोदी कई विकास परियोजनाओं को समर्पित किये। पीएम मोदी प्रॉप्लिन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट ,  विलिंगडन द्वीप पर रो-रो जहाज के अलावा पीएम मोदी कोचीन बंदरगाह पर अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल सागरिका  राष्ट्र को समर्पित किये। केरल के तीन योजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुये कहा कि इन योजनाओं से देश के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कोचीन का जिक्र करते हुये कहा कि अरब सागर की रानी हमेशा की तरह शानदार दिख रही है। आज हम केरल और देश के विकास का उत्सव मनाने को जमा हुये हैं। उन्होंने कहा कि रो रो सेवा के शुरुआत से सड़क मार्ग से जो दूरी 30 किलोमीटर है वो घटकर 3.5 किलोमीटर हो जायेगी। पीएम ने कहा कि कोचीन ना सिर्फ ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर काम करता है बल्कि ये टूरिज्म का भी केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार यहां टूरिज्म को विकसित करने के लिये और भी कदम उठा रही है. सागरिका क्रूज एक लाख लोगों को सेवा देने में सक्षम है।

राधौगढ़ नगर पालिका द्वारा वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद की मांग पर वार्ड के दुकानदारों को डस्टबिन वितरण किए गए


राधौगढ़ नगर पालिका द्वारा वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद की मांग पर वार्ड के दुकानदारों को डस्टबिन वितरण किए गए और सभी दुकानदारो से आग्रह किया गया की अपना कचरा डस्टबिन व नगरपालिका की कचरा गाड़ी में डाले।

साथ ही सभी दुकानदारों को बताया गया की अगर आपके द्वारा खुले में कचरा डाला गया तो आप पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।

इस वितरण कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद प्रतिनिधि दिलावर मंसूरी, बृजेश कुमार धाकड़, राजेंद्र कुमार वस्त्री, अमरदीप बैरागी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

आदि कवि वाल्मीकि युवा सेवा समिति द्वारा पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई

राघौगढ़ - आदि कवि वाल्मीकि युवा सेवा समिति द्वारा शिव वाल्मीकि मंदिर पालिका बाज़ार NFL में, कश्मीर के पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।

सर्व प्रथम अध्यक्ष रंजीत धौलपुरिया, वार्ड नंबर 17 पार्षद अमित कुमार लोहट एवं मन्दिर अध्यक्ष सुनील टांक ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी व सभी वाल्मीकि भाइयों ने श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान अध्यक्ष रंजीत धौलपुरिया ने संबोधित करते हुए कहा, पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले मां भारती के जवाज वीर सपूतों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते है हम सभी देशवासी आपके शौर्य, साहस पराक्रम और मातृभूमि के संप्रभुता व अखंडता के लिए जान न्यौछावर करने वाले बहादुर वीर जवानों व उनके परिवारो के प्रति यह राष्ट्र हमेशा ऋणी रहेगा। उसके तत्पश्चात उपकोषाध्यक्ष जगदीश बिलरवान ने वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की व अपने समाज के प्रति कहा कि समाज के लिए समाज सुधारक गतिविधियां तैयार की जाएगी संगठन के सभी सदस्यों ने आने वाले भगवान श्री रविदास  जयंती पर चर्चा की गई। श्रद्धांजलि में उपस्थिति अध्यक्ष रंजीत धौलपुरिया, पूर्व उपाध्यक्ष सुनील टांक, पार्षद अमित कुमार लाहोट, मीडिया प्रभारी राज ( छोटू) नहारिया, कोषाध्यक्ष विनोद धौलपुरिया, सुखबीर खरे, उपकोषाध्यक्ष श्री जगदीश विलरवान, सलाहकार मंत्री अनूप लाहोट, राकेश धौलपुरिया, धर्मेंद्र विलरवान,  पप्पू मैना, अभिषेक वाल्मीक, रवि लाहोट, दीपक झावा, अशोक तमोली, जीतू लाहोट, रवि निदानिया, संजय तेज़ी, जीतू लाहोट, रिंकू , अमन धौलपुरिया, मन्नू लाहोट व  पालिका के सर्व समाज उपस्थित रहे।

Saturday, February 13, 2021

मुंगावली : 7 फरवरी से चल रही श्रीमदभागवत पुराण का हुआ समापन

संवाददाता : संदीप राठौर

कल कथा का धर्म लाभ लेने राव देशराज सिंह जी यादव जिनका नाम 3 जिलों में चलता रहा अंकित जेष्ठ पुत्र यादवेंद्र सिंह यादव कथा के समापन पर उपस्थित हुए व कथा वाचक का सम्मान किया। यह कथा मंदिर के पुजारी अवध नारायण पंडा के नेतृत्व में चल रही थी जिस का समापन बड़े ही धूमधाम से किया गया। कथा डॉक्टर जैन साहब पिंटू तिवारी परिवार व राजेश माहौल अवधेश कथा का समापन बड़े ही धूमधाम से किया गया पंडा मुगावली नगर की सान सनातन सभा के अध्यक्ष ठाकुर महेन्द्र सिंह जी ने कथा का आनन्द लिया।

कथा व्यास यशोदा नंदन पंडित श्री अमन  कुमार जी पंडा द्वारा भागवत कथा का संगीतमय वाचन किया जा रहा है कथा को सुनने धर्म प्रेमी संगीत में कथा का आनंद उठा रहे हैं कथा को सुनकर महिलाएं व बच्चे नाच उठे। कथा का वाचन बड़े ही मधुर वाणी में किया जा रहा है कथा का धर्म लाभ उठाने मुंगावली नगर की जनता कथा को बड़े ही ध्यान से सुन कर कथा में रम  जाते हैं कथा का वाचन 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक चल रहा है कथा का धर्म लाभ लेने के लिए सुबह से ही नगर वासियों का आना शुरू हो जाता है।

भारत की ठोस शुरुआत, 06 विकेट पर 300 रन

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

चेन्नई - भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे चार टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच शनिवार को एम०ए० चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई में खेला गया। टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुये पहले दिन के खेल खत्म होने तक तक टीम इंडिया ने 06 विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाये हैं। ऋषभ पंत 33 और अक्षर पटेल 05 रन बनाकर नाबाद लौटे। पहला  दिन रोहित शर्मा के नाम रहा , उन्होंने शानदार 161 रन बनाये , उन्होंने 231 गेंद की पारी में 18 चौके और दो छक्के लगाये फिर जैक लीच की गेंद पर मोइन अली ने उनका कैच लिया। रोहित के करियर का ये सातवां शतक रहा , रोहित ने मोईन अली की गेंद पर दो रन लेकर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने चौथी बार 150 से ज्यादा रन बनाये हैं। उन्हें अजिंक्य रहाणे का अच्छा साथ मिला , दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हुई। रहाणे ने 149 गेंद पर 67 रन बनाये , उन्होंने 09 चौके लगाये। रहाणे ने अपने टेस्ट करियर का 23वां अर्धशतक जड़ा है. उन्होंने 104 गेंदों में पचास रन पूरे किये। रविचंद्रन अश्विन 13 रन बनाकर जो रूट की गेंद पर ओली पोप को कैच थमा बैठे। इससे पहले शुभमन गिल और विराट कोहली बिना खाता खोले पवेलियन लौटे , वहीं चेतेश्वर पुजारा ने 21 रन बनाये।ऋषभ पंत ने स्टोन की गेंद पर चौका जड़ा, जिससे पारी के 88 वें ओवर में टीम के 300 रन पूरे हुये। इंग्लैंड की ओर से जैक लीच, मोईन अली ने 02-02 विकेट लिये वहीं स्टोन और रूट के खाते में 01-01 विकेट आये। दोनों टीमों के लिये ये मुकाबला अहम है, क्योंकि इस मैच के नतीजे के बाद आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की तस्वीर थोड़ी सी साफ हो जायेगी। हालांकि, फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला सीरीज के आखिरी मैच के बाद ही होगा। बताते चलें कि इंग्लैंड ने चेन्नई में खेले गये पहले टेस्ट मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुये भारत को 227 रनों के विशाल अंतर से हराते हुये 1-0 की बढ़त दिलायी थी। एक तरफ जहां मेहमान टीम की नजर इस टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करते हुये सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल करने पर होगी। वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम के ऊपर काफी ज्यादा दबाव रहने वाला है, क्योंकि इस मैच में भी टीम अगर हारती है तो वो सीरीज तो जीतने के साथ साथ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने से भी चूक जायेंगे। इस मैच में टीम के बल्लेबाजों को अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाते हुये जबरदस्त प्रदर्शन करके दिखाना होगा।


रोहित शर्मा का तीनों फार्मेट में शतकों का रिकॉर्ड


रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में शतक जड़कर वेस्टइंडीज के क्रिस की बराबरी करने में कामयाबी हासिल की है। इंग्लैंड के खिलाफ अब रोहित शर्मा के नाम क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट में शतक बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इससे पहले सिर्फ वेस्टइंडीज के ओपनर क्रिस गेल ही ऐसे बल्लेबाज थे जिनके नाम यह खास उपलब्धि थी। अब रोहित ने भी इंग्लैड के खिलाफ टेस्ट , वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में शतक बनाया है। अब रोहित के नाम चार देशों के खिलाफ तीनों फॉर्मेट में शतक बनाने का अदभुत रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टी20 में चार शतक बनाने वाले रोहित दुनियां के अकेले बल्लेबाज हैं। चेन्नई में शतक बनाने के साथ वे इंग्लैंड , श्रीलंका , वेस्टइंडीज और साऊथ अफ्रीका के खिलाफ तीनों फॉर्मेट में शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं।


जडेजा हुये सीरीज से बाहर 


चेन्नई के एम०ए० चिदंबरम स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट के बीच टीम इंडिया को एक बड़ा झटका लगा है। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर अंगूठे में चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पूरी टेस्ट सीरीज़ से बाहर हो गये हैं। गौरतलब है कि टीम इंडिया के प्रमुख ऑलराउंडर रविंद्र को इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में खेले गये तीसरे टेस्ट में अंगूठे में चोट लगी थी। इसके बाद वह चौथे टेस्ट में नहीं खेल सके थे। इसी चोट के कारण वह इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं रहे थे, लेकिन अब वे पूरी टेस्ट सीरीज़ से ही बाहर हो गये हैं।


दोनो देशों की टीमें 


भारत


रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, इशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज।


इंग्लैंड


रॉरी बर्न्स, डॉम सिबली, डैन लॉरेंस, जो रूट, बेन स्टोक्स, ऑली पोप, बेन फोक्स, मोईन अली, जैक लीच, स्टुअर्ट ब्रॉड, ऑली स्टोन

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राघौगढ़ में नगरपालिका सफाई कर्मचारियों को लगाई गई कोरोना वैक्सीन


राघौगढ़/गुना - राघौगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है।

 इसी क्रम में नगरपालिका राघौगढ़ के स्टाफ व सफाई कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई गई।

प्रधानमंत्री मोदी कल सेना को सौंपेंगे अर्जुन टैंक | PM Modi

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

नई दिल्ली -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल रविवार 14 फरवरी को देश के दो दक्षिणी राज्य तमिलनाडु और केरल के दौरे पर रहेंगे। जहां वे विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वे चेन्नई मेट्रो फेस-1 एक्सटेंशन का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना में 3770 करोड़ रूपये की लागत आयी है। वे वाशरमेनपेट से विमको नगर तक 09.05 किलोमीटर लंबे रेल लाइन के विस्तार का उद्घाटन करेंगे। यह लाइन उत्तरी चेन्नई को हवाई अड्डे और चेन्नई सेंट्रल स्टेशन से जोड़ेगा। इसके अलावा वे चेन्नई बीच और एटिपट्टू के बीच 22.1 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे , इसके निर्माण में 293.40 करोड़ रुपये की लागत आयी है। चेन्नई पोर्ट और एन्नोर पोर्ट को जोड़ने तथा चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों से गुजरने वाली इस लाइन के शुरू होने से चेन्नई पोर्ट से यातायात का दबाव कम होगा। इसके साथ ही साथ वे 423 करोड़ की लागत से बने विल्लुपुरम-कुड्डालोर-माईलादुथुराई-तंजावुर तथा माईलादुथुरई-तिरुवरुर सिंगल लाइन खंड पर रेल विद्युतीकरण का भी उद्घाटन करेंगे।वहीं भारतीय सीमाओं को और अधिक मजबूत बनाने और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुये पीएम मोदी अत्याधुनिक अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक (एमके-1ए) भारतीय सेना को समर्पित करेंगे। बताते चलें कि रक्षा मंत्रालय की बैठक में 118 उन्नत अर्जुन मार्क ए1 टैंक को सेना में शामिल करने का फैसला लिया गया था। इन 118 टैंकों की लागत 8400 करोड़ रुपये है। इन टैंकों के मिलने के बाद भारती सेना जमीन पर पहले से अधिक मजबूत हो जायेगा। वे ग्रैंड एनीकट नहर प्रणाली के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण परियोजना का शिलान्यास करेंगे। डेल्टा जिलों में सिंचाई के लिये महत्वपूर्ण इस नहर के आधुनिकीकरण में अनुमानित 2,640 करोड़ रुपये की लागत आयेगी और इससे नहरों की जल वहन क्षमता में सुधार होगा। वे आईआईटी मद्रास के डिस्कवरी परिसर की आधारशिला भी रखेंगे। इसकी लागत करीब एक हजार करोड़ रूपये होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री केरल में भी कई प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। जिनमें वे देश को बीपीसीएल की प्रोपलीन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल परियोजना (पीडीपीपी) को राष्ट्र को सौपेंगे। इस कॉम्प्लेक्स में एक्रिलेट्स, ऐक्रेलिक एसिड और ऑक्सो-एल्कोहल का उत्पादन होगा, जो वर्तमान में मुख्य रूप से आयात किया जाता है। इस प्रोजेक्ट के पूरे होने से लगभग 700 से 4000 करोड़ रुपये सालाना की बचत होगी। इस प्रोजेक्ट की लागत 6000 करोड़ रुपये है। वे कोच्चि में विलिंगडन द्वीप समूह में रो-रो वेसल्स भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके तहत भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण राष्ट्रीय जलमार्ग -3 पर बोलगाटी और विलिंगडन द्वीप के बीच दो नये रोल-ऑन / रोल-ऑफ जहाजों को तैनात करेगा। ये जहाज 6, 20 फीट ट्रक, तीन 20 फीट ट्रेलर ट्रक, तीन 40 फीट ट्रेलर ट्रक और 30 पैसेंजर ले जाने में सक्षम होंगे। वहीं टूरिस्ट को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी कोच्चि पोर्ट पर अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल "सागरिका" का उद्घाटन करेंगे। यह भारत का पहला पूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल है , इसकी लागत 25.72 करोड़ रुपये है। इसके साथ साथ वे मरीन इंजीनियरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट विज्ञान सागर, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड का भी उद्घाटन करेंगे। यह एक प्रमुख समुद्री अध्ययन केंद्र है और एक शिपयार्ड के भीतर भारत में एकमात्र समुद्री संस्थान है जिसमें निर्माणाधीन विभिन्न जहाजों पर छात्रों को ट्रेनिंग की सुविधा है। पीएम मोदी कोच्चि पोर्ट में साउथ कोल बर्थ के पुनर्निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। सागरमाला योजना के तहत 19.19 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इसे दोबारा बनाया जा रहा है।

गौरतलब है कि इस साल मई-जून में तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा इन राज्यों में अपने पैर जमाने की तैयारी कर रही है। तमिलनाडु में भाजपा एआईएडीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। तो वहीं, केरल में अपने दम पर विधानसभा चुनाव में ताल ठोकेगी।

Friday, February 12, 2021

विद्यार्थी परिषद ने अवैध रूप से छात्रों से रुपए लेने के संबंध में सौंपा ज्ञापन

 संवाददाता : संदीप राठौर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई मुंगावली ने एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया। जिसमें नगर में संचालित मां कॉन्वेंट शासन की नियमावली का उल्लंघन करते हुए ले रहे हैं पूरी फीस। वैश्विक कोरोना वायरस महामारी में शासन ने गरीब छात्र-छात्राओं का विशेष ध्यान रखा है लेकिन इसके बाद भी विद्यालय के प्राचार्य अपनी मनमानी कर रहे हैं। अतः विद्यालय पर कार्यवाही करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें इकाई संयोजक पवन यादव, युवराज ठाकुर, अनिकेत भार्गव, सुमित सेन, सुरेंद्र कुशवाहा, संस्कार ग्वाल, महेंद्र जोगी, सौरभ यादव, निर्मल प्रजापति, शैलेंद्र कस्बा, सोनू यादव, निखिल सुमन, श्री कुमार यादव एवं पालक गण में आशीष राय, वीरेंद्र तिवारी आदि उपस्थित रहे।

श्रीमति इंदिरा तिवारी नहीं रहीं

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

जांजगीर चाम्पा -- जिले के नवागढ़ विकासखंड अन्तर्गत आने वाले मां शंवरीन दाई की पावन धरा ग्राम अमोरा (महन्त) निवासी मालगुजार स्व० जीवराखन तिवारी की धर्मपत्नी श्रीमति इंदिरा तिवारी (83 वर्षीया)  का आकस्मिक निधन गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिवस 12 मार्च को रायपुर में हो गया। वे पूर्व आबकारी अधिकारी दिवाकर  तिवारी की माता जी , छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के अवर सचिव श्रीमति आभा तिवारी की सासु मां एवं उपपुलिस अधीक्षक सिद्धांत तिवारी की दादी मां थीं। वे अपने पीछे आशा , सरला , सुषमा तीन बेटियों एवं एक बेटे दिवाकर का भरा पूरा परिवार छोंड़कर चली गयीं। उनके अंतिम दर्शन के लिये अधिकारी , कर्मचारी पहुंचे हुये थे। उनका अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुये उनके इकलौते पुत्र दिवाकर तिवारी द्वारा राजधानी रायपुर के मुक्तिधाम पर किया गया। गौरतलब है कि उनकी छत्रछाया और संस्कार में पल बढ़कर परिवार के सभी लोग उच्च पदों पर आसीन हैं। परिवार के प्रति उनका कर्तव्यपालन सदैव स्मरणीय रहेगा।

Thursday, February 11, 2021

अखिल भारतीय बाल्मीकि महासभा एवं सफाई कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा गुना कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

अखिल भारतीय बाल्मीकि महासभा एवं सफाई कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा गुना कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

गुना - विगत 1 वर्ष से कुंभराज,चांचौड़ा सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने के कारण सफाई कर्मचारी, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र बीलरवान के नेतृत्व मे गुना कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम से मिले व ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द मांगे पूर्ण करने का निवेदन किया।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र बीलरवान, प्रदेश महामंत्री नीरज  मालवीय, मीडिया प्रभारी राज ( छोटू) नहारिया, ब्लॉक अध्यक्ष सोनू मालवीय, जिला  प्रभारी जीतू मालवीय,जिला अध्यक्ष मनीष मालवीय, जिला उपाध्यक्ष रघुवीर करोसिया, उपाध्यक्ष सत्यनारायण बीलरवान ,उपाध्यक्ष विक्रम मालवीय, सचिव शिवनारायण झाझोट, संयुक्त सचिव मिथुन मालवीय, जिला महामंत्री सतीश नदानिया, युवा राहुल मालवीय उपस्थित रहे।

Wednesday, February 10, 2021

माघी गुप्त नवरात्रि शुभारंभ कल से

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

हिंदू धर्म में माघ महीने का विशेष महत्व है। इस महीने पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि को भी बहुत ही खास माना जाता है। इस नवरात्रि में व्यक्ति ध्यान-साधना करके दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करते है। माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। गुप्त नवरात्रि खासतौर से तंत्र-मंत्र और सिद्धि-साधना आदि के लिये बहुत ही खास माना जाता है। मां दुर्गा की पूजा , भक्ति और सिद्ध शक्तियों की प्राप्ति के लिये नवरात्रि सबसे उत्तम दिन होते हैं। पूरे वर्ष में चार नवरात्रि आती है जिसमें चैत्र और आश्विन मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमीं तक दो प्रकट नवरात्रि होते हैं , इसी तरह माह और आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमीं तक दो गुप्त नवरात्रि होती है। गुप्त नवरात्रि भी प्रकट नवरात्रि की तरह ही सिद्धिदायक होती है , बल्कि ये प्रकट नवरात्रि से भी ज्यादा प्रबल होती है।गुप्त नवरात्रि को तंत्र-मंत्र साधना के लिये विशेष तौर पर जानी जाती है। कहा जाता है कि गुप्त नवरात्रि में की जाने वाली पूजा से कई कष्टों से मुक्ति मिलती है। ये नवरात्रि भी प्रकट  नवरात्रियों की तरह नौ दिन ही मनायी जाती हैं। गुप्त नवरात्रियों में मां भगवती की पूजा की जाती है। इस गुप्त नवरात्रियों का महत्व चैत्र और शारदीय नवरात्रियों से ज्यादा होता है ,  क्योंकि गुप्त नवरात्रियों में मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं। गुप्त नवरात्र को खासतौर से तंत्र-मंत्र और सिद्धि-साधना आदि के लिये बहुत ही खास माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति ध्यान-साधना करके दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करते है। इस नवरात्रि को करने में साधक को पूर्ण संयम और शुद्धता के साथ मां भगवती की आराधना करनी चाहिये। गुप्त नवरात्रि की पूजा के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरुपों के साथ-साथ दस महाविद्यियाओं की भी पूजा का विशेष महत्व है। ये दस महाविद्यायें मां काली , तारा देवी , त्रिपुर सुंदरी , भुवनेश्वरी , छिन्नमस्ता , त्रिपुर भैरवी , मां धूमावती , मां बगुलामुखी , मातंगी और कमला देवी हैं। इस दौरान मां की आराधना गुप्त रुप से की जाती है, इसलिये भी इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। यह नवरात्र भी चैत्र और शारदीय नवरात्रियों की तरह मनाये जाते है। गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधुओं , तांत्रिकों द्वारा मां को प्रसन्न करने और तंत्र साधना की सिद्धि के लिये किया जाता है। मान्यतानुसार इस नवरात्रि की पूजा को गुप्त रखने से दोगुना फल मिलता है। गुप्त नवरात्रि का महत्व , प्रभाव और पूजा विधि बातने वाले ऋषियों में श्रृंगी ऋषि का नाम सबसे पहले लिया जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार एक बार एक महिला श्रृंगी ऋषि के पास पहुंचकर उनसे कहा कि मेरे पति दुर्व्यसनों से घिरे हुये हैं और इस कारण कोई धार्मिक कार्य , व्रत या अनुष्ठान नहीं कर पा रही हूं। ऐसे में क्या करूं कि मां शक्ति की कृपा मुझे प्राप्त हो और मुझे मेरे कष्टों से मुक्ति मिले। तब ऋषि ने महिला के कष्टों से मुक्ति पाने के लिये गुप्त नवरात्र में साधना करने के लिये कहा था। ऋषिवर ने गुप्त नवरात्र में साधना की विधि बताते हुये कहा कि इससे तुम्हारा सन्मार्ग की तरफ बढ़ेगा और तुम्हारा पारिवारिक जीवन खुशियों से भर जायेगा। गुप्त नवरात्रों के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा नवरात्र के भिन्न-भिन्न दिन की जाती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस पाठ को करने से मां दुर्गा प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनोवांछित वरदान देती हैं। नवरात्रि में घर में लहसून , प्याज जैसे तामसिक चीजों का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिये। 


कल होगी घट-स्थापना


इस वर्ष का माघी गुप्त नवरात्रि कल 12 फरवरी से शुरू हो रहा है , इस बार षष्ठी तिथि की वृद्धि होने से यह नवरात्रि नौ नहीं बल्कि दस दिन का होगा। इस गुप्त नवरात्रि का समापन 21 फरवरी को होगा। इसके चलते शक्ति की उपासना के लिये माता भक्तों को एक दिन अधिक मिलेगा। इस नवरात्रि में माता के मंदिरों में यज्ञ , हवन सहित विभिन्न अनुष्ठान संपादित होंगे। गुप्‍त नवारात्र में सिद्धिकुंजि का स्तोत्र का पाठ करना बहुत लाभदायक होता है। इस दौरान देवी माँ के भक्त बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं। वे लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का प्रयास करते हैं। गुप्‍त नवरात्र में माता की शक्ति पूजा एवं अराधना अधिक कठिन होती है इस पूजन में अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है। सुबह एवं संध्या समय में देवी की पूजा अर्चना करना होती है। नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशति का पाठ किया जाता है। अष्‍टमी या नवमी के दिन कन्‍या पूजन कर व्रत पूर्ण होता है। देवी पूजन में दुर्गा सप्तशती के पाठ का बहुत महत्व है। यथासंभव नवरात्र के नौ दिनों में प्रत्येक श्रद्धालु को दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिये किन्तु किसी कारणवश यह संभव नहीं हो तो देवी के नवार्ण मंत्र का जप यथाशक्ति अवश्य करना चाहिये। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन पूर्णाहुति हवन एवं कन्याभोज कराकर किया जाना चाहिये। पूर्णाहुति हवन दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से किये जाने का विधान है किन्तु यदि यह संभव ना हो तो देवी के नवार्ण मंत्र, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र अथवा दुर्गाअष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र से हवन संपन्न करना श्रेयस्कर रहता है।

नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन

नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन कुंभराज :  अखिल भारतीय बाल्मीकि म...