Desh Dastak News
Friday, February 19, 2021
नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन
पतंजलि ने दुबारा किया कोरोनिल दवा लाॅन्च
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- बाबा रामदेव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर आज कोरोनावायरस की नई आयुर्वेदिक दवा और दवा के रिसर्च पेपर की पुस्तकें भी लॉन्च की है। पतंजलि का दावा है कि नई दवा साक्ष्यों पर आधारित है। नई दवा के लॉन्च के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मौजूद रहे। नई दवा का नाम भी कोरोनिल ही है , पतंजलि का कहना है कि कोरोनिल टैबलेट से अब कोविड का इलाज होगा। आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को कोरोना की दवा के तौर पर स्वीकार कर लिया है। यह कोरोनावायरस की पहली प्रामाणिक दवा है। इस दवा को बनाने में कोरोना के सभी प्रोटोकॉल को फालो किया गया है। दवा लांच करते हुये बाबा रामदेव ने कहा कि योग आयुर्वेद को रिसर्च बेस्ड ट्रीटमेंट के तौर पर चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनाया जा रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोनिल का इस्तेमाल पहले से लोग कर रहे थे, लेकिन अब डीजीसीए के बाद हमें डब्लूएचओ से अप्रूवल मिल गया है, ये 154 देशों के लिये अप्रूवल मिला है, इसके बाद हम अब आधिकारिक रूप से कोरोनिल का निर्यात कर सकते हैं, हमने वैज्ञानिक पद्धति से कोरोनिल पर रिसर्च किया है। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि हेल्थ के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर और ग्लोबल लीडर बन रहा है, योग और आर्युवेद को हम वैज्ञानिक प्रमाणिकता के साथ स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। पतंजलि ने सैकड़ों रिसर्च पेपर अब तक पब्लिश किये हैं, हमने योग क्रियाओं को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ दुनियां के सामने रखा है। बाबा रामदेव ने कहा, ‘जब हमने कोरोनिल के जरिये लाखों लोगों को जीवनदान देने का काम किया तो कई लोगों ने सवाल उठाये। कुछ लोगों के मन में रहता है कि रिसर्च तो केवल विदेश में हो सकता है, खासतौर पर आयुर्वेद के रिसर्च को लेकर कई तरह के शक किया जाता हैं, अब हमने शक के सारे बादल छांट दिये हैं , हमने कोरोनिल से लेकर अलग-अलग बीमारी पर हमने रिसर्च किया है। हमने एविडेंस और रिसर्च के आधार पर यह दवा तैयार की है।रामदेव ने दावा किया कि पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट की यह दवा विश्व स्वास्थ्य संगठन से सर्टिफाइड है। दावा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे जीएमपी यानी ‘गुड मैनुफैक्चरिंग प्रैक्टिस’ का सर्टिफिकेट दिया है। रामदेव ने कहा कि यह दवा ‘एविडेंस बेस्ड’ है। इस मौके पर नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे खुशी है कि योग आयुर्वेद में रिसर्च के लिये बाबाजी और आचार्य जी ने बहुत बड़े अनुसंधान संस्थान की स्थापना की है। योग और आयुर्वेद पूरे विश्व को दिशा दे सकता है। हिंदुस्तान में रहकर ये बात शायद ना समझे, लेकिन जर्मनी में जाएंगे तो समझेंगे. रिसर्च बहुत आवश्यक होती है। बाबाजी को हम योग और आयुर्वेद के ब्रांड एम्बैसडर के रूप में देखते हैं।चमत्कार के बिना कोई नमस्कार नहीं करता, लोगों को अनुभव हुआ तो उन्होंने स्वीकार किया। अभी तक विश्वास के आधार आयुर्वेद में दवा देते थे , लेकिन अब रिसर्च और एविडेंस के ज़रिये इसकी प्रमाणिकता बढ़ती है। इस अनुसंधान और वैज्ञानिक रूप सर काम करने के लिये बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को बधाई। दोबारा रिसर्च के साथ सामने आने पर लोगों का भरोसा इस पर बढ़ेगा। वहीं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की तारीफ करते हुये डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना काल में आयुर्वेद पद्धति पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। कोरोना से पहले आयुर्वेद का मार्केट हर साल 15 फीसदी बढ़ रहा था, लेकिन कोरोना के बाद इसमें 50 से लेकर 90 फीसदी का उछाल आया है। भारत ही दुनियां के लोगों का विश्वास आयुर्वेद पर बढ़ रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले पतंजलि ने 23 जून 2020 को कोरोना के लिये कोरोनिल लॉन्च की थी, जिसमें सात दिन में कोरोना के इलाज का दावा किया गया था ,हालांकि लॉन्च होते ही ये दवा विवादों में आ गयी थी।
भगवान जगन्नाथ के द्वार पहुंची अभिनेत्री कंगना रनौत
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जगन्नाथपुरी - अपकमिंग फिल्म 'धाकड़' की शूटिंग में व्यस्त अभिनेत्री कंगना रनौत समय निकालकर आफ व्हाईट रंग का सलवार सूट और गोल्डन वर्क किया दुपट्टा , गले में हैवी ज्वैलरी पहनी हुई पवित्र माघ मास की सप्तमी शुक्रवार को ओड़िसा के पुरी जगन्नाथ मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने भगवान कृष्ण, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं का दर्शन कर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ टीम के सदस्य भी मौजूद थे। कड़ी सुरक्षा के बीच श्रीमंदिर सिंहद्वार के सामने पहुंचने के बाद मंदिर के प्रशासनिक अधिकारियों सहित सेवकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। कंगना ने बाइस सीढ़ी एवं सात पाहाच (सीढ़ी) होते हुये महाप्रभु के मंगल आरती का दर्शन किया और भक्तिमय होकर परिक्रमा भी लगायी। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी का दर्शन करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुये कंगना ने कहा कि इस मंदिर में मैं पहली बार दर्शन करने पहुंची हूं। लेकिन वाकई मैं ये नहीं जानती कि मैं यहां इतना देरी से क्यों पहुंची हूं ? उन्होंने कहा जो कुछ होता है वो ऊपर वाले की मर्जी से ही होता है। आज महाप्रभु का दर्शन कर मैं खुद को धन्य मान रही हूं। नये साल के शुरूआत में ही महाप्रभु का दर्शन हुआ है , उम्मीद करती हूं कि यह साल मेरे लिए शुभमय होगा। उन्होंने कहा है कि हम हमेशा राधा एवं रूक्मणी (लक्ष्मी) का दर्शन करते आ रहे है किन्तु पुरी जगन्नाथ धाम में भगवान कृष्ण को भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा (अर्जुन की पत्नि अभिमन्यु की मां) के साथ रखा गया है। श्रीमंदिर में महाप्रभु के साथ श्री विग्रहों का दर्शन से चिकित्सकीय तथा सुखदायक मिठास की अनुभूति हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसम्बर महीने में ही कंगना ने महाप्रभु का दर्शन करने की इच्छा जतायी थी। बताते चलें कंगना रनौत गुरुवार शाम को वाई सिक्योरिटी में भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर पहुंची और आज उन्होंने महाप्रभु का दर्शन किया। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु मामले में टिप्पणी करने के बाद कंगना पिछले दिनों चर्चा का केन्द्र बन गई थी। उन्होंने मुंबई में कड़े संघर्ष के बीच सफलता हासिल किया है। अपने अभिनय के बल पर उन्होंने फिल्म फेयर अवार्ड से लेकर राष्ट्रीय चलचित्र पुरस्कार जैसे कई सम्मान से सम्मानित हो चुकी हैं। विभिन्न प्रसंग पर टिप्पणी कर अधिकांश समय वे चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने अपने ओड़िसा दौरे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें वे सिक्योरिटी से घिरी और काफी खुश नजर आ रही हैं। कंगना ने वीडियो कैप्शन में लिखा है, "हमने हमेशा कृष्ण को राधा या रुक्मणि के साथ देखा है। लेकिन पुरी जगन्नाथ में भगवान कृष्ण अपने भाई-बहन बलराम और सुभद्रा (अर्जुन की पत्नी, अभिमन्यु की मां) के साथ विराजमान हैं। उनके ह्रदय के चक्र से निकलती ऊर्जा के चलते पूरे स्थान में स्वास्थ्यप्रद और सुखदायक मिठास का अहसास होता है। कंगना इस वक्त मध्यप्रदेश में रजनीश घई के निर्देशन में बन रही अपनी आने वाली फिल्म धाकड़ की शूटिंग कर रही हैं। फिल्म में उनके साथ अर्जुन रामपाल और दिव्या दत्ता की मुख्य भूमिका है। एक्शन थ्रिलर इस फिल्म में कंगना एजेंट अग्नि के किरदार में होंगी। यह फिल्म इसी साल दिवाली के मौके फर एक अक्टूबर को रिलीज होनी है , जिसमें कंगना एक इंटेलिजेंस आफिसर की भूमिका में नजर आयेंगी। कंगना रनौत की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो अभिनेत्री फिल्म थलाइवी रिलीज होने को तैयार है। यह फिल्म पॉलिटिशन तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की बायॉपिक है। फिल्म 'धाकड़' के बाद कंगना 'तेजस' की शूटिंग शुरू करेंगी। वे 'अपराजित अयोध्या', 'मणिकर्णिका रिटर्न्स : द लीजेंड ऑफ दिद्दा' और कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार पर बेस्ड एक अनाम फिल्म की घोषणा भी कर चुकी हैं। उनके प्रोडक्शन की एक अन्य फिल्म में उन्हें इंदिरा गांधी की भूमिका में देखा जायेगा।
डीजल पेट्रोल की बढती कीमतो के विरोध मे मूंदी नगर बन्द का आव्हान
संवाददाता : अंशुल श्रीवास्तव
डीजल पेट्रोल की बढती कीमतो के विरोध मे मूंदी नगर बन्द का आव्हान। कांग्रेस नेता उत्तमपालसिह ने व्यापारियो से मांगा सहयोग, कहा शनिवार को आधे दिन का रहेगा बन्द
डीजल-पेट्रोल की कीमतो मे हुई भारी बढोतरी के विरोध मे कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को मूंदी नगर मे आधे दिन के बन्द का ऐलान किया है । कांग्रेस नेता उत्तमपालसिह आज कांग्रेस कार्यकर्ताओ के साथ मैदान मे उतरे उन्होने नगर के मुख्य बाजार मे व्यापारियो से हाथ जोडकर कांग्रेस के बन्द के आव्हान को सफल बनाने के लिये सहयोग मांगा। उत्तमपालसिह ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की कीमत से मंहगाई बेलगाम हो गई है । आम आदमी इससे प्रभावित हुआ है । इसी कारण कांग्रेस पार्टी ने मूंदी नगर बन्द का आव्हान किया है । यह बन्द का आयोजन शनिवार दोपहर दो बजे तक रहेगा । इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता लक्ष्मीचन्द गुर्जर , नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश मालवीय, बलीराम पटेल ,चन्द्रकांत मण्डलोई, अनिल राठोर कट्टुसेठ, विजय मराठे मनोहर पटेल,जगदीश चौहान, लाला गुर्जर, मोहम्मद बोहरा, सन्तोष बारड, जितेन्द्र मण्डलोई आदि उपस्थित थे ।
Thursday, February 18, 2021
शबरी आश्रम मे आदिवासी बच्चों को निशुल्क शिक्षा व आवास की व्यवस्था देख खुशी हुई, डॉ विक्रांत भूरिया
बीनागंज - राजीव गांधी भवन गुना में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे डॉ विक्रांत भूरिया मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का बीनागंज नगर में अलग-अलग स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया जिसमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष बीनागंज प्रदीप सोनी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहित मीणा, उपाध्यक्ष केशव चौहान, एनएसयूआई प्रदेश सचिव सौरव यादव, ब्लॉक महामंत्री शिवराज मीणा देदला, गणेश सैनी, पिंकू शर्मा, आमीन ने टोल टैक्स पहुंच कर डॉक्टर भूरिया का स्वागत सत्कार किया। इसी क्रम में जयश के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह भील ने बायपास पहुंच कर अपनी टीम सहित यू का प्रदेश अध्यक्ष भूरिया जी की अगवानी की और नगर में स्थित शबरी आश्रम मंदिर पर माता शबरी के दर्शन करने के लिए लाये।
शबरी आश्रम पहुंचकर डॉ विक्रांत भूरिया ने सर्वप्रथम माँ शबरी की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पण कर चरणों में नमन किया तत्पश्चात शबरी एकलव्य भील विकास परिषद आश्रम के अध्यक्ष सुखलाल भील रिटायर्ड वरीष्ठ अधिकारी गैल इंडिया लिमिटेड, आश्रम के कोषाध्यक्ष नाथू सिंह भील प्राचार्य, सर्जन सिंह शिल्पकार जिला महासचिव आईटी सेल कांग्रेस, सिँगालाल भील, रामभरोसा भील चारनपुरा, राकेश भील ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया का स्वागत श्रीफल साफ़ा भेंट कर फूल मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर जयश के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह भील ने शबरी आश्रम पर आदिवासी बच्चों को दी जा रही निशुल्क शिक्षा एवं आवास की व्यवस्था का मुआयना प्रदेश अध्यक्ष भूरिया जी को कराया डॉक्टर भूरिया ने आश्रम पर आदिवासी बच्चों को दी जा रही शिक्षा व आवासीय व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि आदिवासी बच्चों को नए सपने संजोने का मौका दे दिया जा रहा है। बच्चों को फ्री में एजुकेशन के साथ-साथ रहने और खाने की भी व्यवस्था करता है। बड़ी खुशी हुई की हमारे आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा वाह रहने की व्यवस्था शबरी आश्रम द्वारा दी जा रही है जोकि प्रशंसा का विषय है इस अवसर पर दर्शन भील, दीवान भील, सोनू वीर, विक्रम भील, देव भील, रोहित भील, राहुल भील, देवेंद्र भील, गोलू भील, मौसम भील, बाबूलाल भील, राकेश भील, रामदयाल भील, अनिल भील, रघुवीर भील, धूरीलाल भील सहित बड़ी संख्या में आदिवासी बंधु मौजूद रहे।
मुंगावली : श्रीराम महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ
संवाददाता : संदीप राठौर
मुंगावली- प्राचीन श्री सिद्ध आश्रम पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर आमखोए धाम ग्राम सूरेल मे चल रहे 21 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ एवं भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिन यज्ञ एवं पूजन प्रारंभ हुआ। जिसमे मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री ब्रजेन्द्र सिंह यादव लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने यज्ञ शाला में सपत्नी मुख्य यजमान ने प्रवेश किया और विशाल मेला और श्रीमद्भागवत कथा का वाचन श्री बाल व्यास जी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को रोज रसपान कराएंगे। यह 21 कुंडीय श्री राम महायज्ञ देश व प्रदेश की उन्नति के लिए ईश्वर से कामना के लिये किया जा रहा है जिस में रोज हजारो की जनसंख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना हो रहा है दर्शन लाभ ले रहे है।
आज नर्मदा जयंती विशेष - अरविन्द तिवारी की कलम से
आज पतित पावनी मां नर्मदा को समर्पित नर्मदा जयंती है। वैसे तो नर्मदा जयंती का महत्व देश भर में है किन्तु मां नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक मध्यप्रदेश में स्थित होने के कारण यह प्रदेशवासियों के लिये विशेष महत्व रखता है। नर्मदा जयंती पूरे मध्यप्रदेश में बहुत श्रद्धा भाव के साथ मनायी जाती है। हिंदू पंचांग अनुसार नर्मदा जयंती माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि यानि आज ही मनायी जाती है। माना जाता है कि इस दिन मां नर्मदा के पावन जल से स्नान करने से हर व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही उसके पापों का नाश होता है एवं मां नर्मदा की कृपा से उसे दीर्घायु जीवन मिलता है। मध्यप्रदेश की लोक मान्यता है कि जितना पुण्य प्रताप गंगा नदी में पूर्णिमा के दिन स्नान करने से मिलता है, उतना ही पुण्य नर्मदा जयंती के अवसर पर नर्मदा नदी में स्नान करने से भी मिलता है।
नर्मदा जयंती का महत्व
नर्मदा जयंती के धार्मिक महत्व की बात करें तो नर्मदा नदी के पृथ्वी पर अवतरण दिवस को ही नर्मदा जयंती के रुप में मनाया जाता है। भारत के सात धार्मिक नदियों में से एक मां नर्मदा का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है।हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इसी दिन मां नर्मदा नदी का अवतरण भगवान शंकर से हुआ था , इसी कारण इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। पौराणिक कथानुसार भगवान शिव ने राक्षसों के विनाश और देवताओं को उनके पाप धोने के लिये मां नर्मदा को उत्पन्न किया था , इसके पवित्र जल में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। इसी नदी के पास भगवान महादेव का एक ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर स्थित है। नर्मदा नदी के अवतरण तिथि को नर्मदा जयंती महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है।
नर्मदा का उद्गम एवं मार्ग
नर्मदा नदी भारत के विंधयाचल और सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों पर मध्यप्रदेश के अनूकपुर जिले के अमरकंटक नामक स्थान के एक कुंड से निकलती है. यह इन दोनों पर्वतों के बीच पश्चिम दिशा में बहती है. यह कुंड मंदिरों से घिरा हुआ है. यह भारतीय उपमहाद्वीप में पाँचवीं सबसे लम्बी नदी है, यह भारत की गोदावरी और कृष्णा नदी के बाद तीसरी ऐसी नदी है, जो कि पूरे भारत के अंदर ही प्रवाहित होती है। इसे “मध्यप्रदेश की जीवन रेखा” भी कहा जाता है. यह उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच पारम्परिक सीमा के रूप में पूर्व से पश्चिम दिशा में बहती है। यह भारत की एक मात्र ऐसी नदी है, जो कि पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है. इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी की है और यह गुजरात के भरूच शहर से गुजरती हुई खम्भात की खाड़ी रत्नसागर में जाकर समाहित है। इस नदी के तटों में बहुत से तीर्थ स्थल है जहाँ लोग दर्शन करने आते है। यह नदी मध्यप्रदेश के साथ साथ छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में भी प्रवाहित होती है। माँ नर्मदा की परिक्रमा का भी प्रावधान है और यह एक मात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा होती है, इसके अलावा और किसी नदी के बारे में ऐसा नहीं कहा गया। इसलिये इसके तट में रहने वाले श्रद्धालु इसके महत्व को समझते है और कहते है कि इसके दर्शन मात्र से ही पुण्य की प्राप्ति हो जाती है। मां नर्मदा को अलौकिक और पुण्यदायिनी भी कहा गया है।
नर्मदा जयंती पूजन विधि
नर्मदा जयंती के दिन अपने पापो से मुक्ति सुख-शांति और समृद्धि की कामना लेकर दूर दूर से श्रद्धालु अमरकंटक नर्मदा स्नान के लिये पहुंचते हैं। नर्मदा जयंती के अवसर पर नदी का उद्गम स्थल अमरकंटक भगवा रंग में रंग जाता है। इस दिन भक्तशहर के विभिन्न घाटों पर भजन और देवी गीत गाते हैं। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के मध्य नर्मदा स्नान करना बेहद शुभ होता है। स्नान के पश्चात फूल , धूप , अक्षत , कुमकुम , आदि से नर्मदा मां के तट पर पूजन करना चाहिये। इस पवित्र दिन पर नर्मदा नदी में आटे के 11 दीप जलाकर जल प्रवाह करने से भी, व्यक्ति की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस दिन प्रात:काल मां नर्मदा का पूजन-अर्चन व अभिषेक प्रारंभ हो जाता है। सायंकाल नर्मदा तटों पर दीपदान कर दीपमालिकायें सजायी जाती हैं। ग्रामीण अंचलों में भंडारे व भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस दिन जो भक्त नर्मदा नदी की पूजा आराधना करते हैं उनके जीवन में शांति और समृद्धि आती है। इस दिन सायंकाल भक्त बनारस के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर की जाने वाली आरती की तर्ज पर देवी नर्मदा की भव्य आरती करते हैं। कई लोग इस दिन मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाते हैं , साथ में इस दिन भंडारा भी किया जाता है। बताते चलें कि पूरे विश्व में मां नर्मदा ही एकमात्र ऐसी नदी हैं जिनकी परिक्रमा की जाती है। इनकी परिक्रमा से रिद्धि सिद्धि की प्राप्ति होती है। नर्मदा , गंगा , सरस्वती व नर्मदा नदी को ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद एवं अथर्वेद के समान पवित्र माना जाता है। नर्मदा नदी के तट पर उद्गम से लेकर विलय तक कुल 60 लाख, 60 हजार तीर्थ स्थल बने हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार नर्मदा नदी का हर पत्थर शंकर रूप माना जाता है।
मां नर्मदा की उत्पत्ति
मां नर्मदा की उत्पत्ति की कई कथायें एवं कहानियां हमारे शास्त्रों में वर्णित है। स्कंद पुराणान्तर्गत "रेवाखंड" में इसका उल्लेख हमें प्राप्त होता है।पौराणिक कथानुसार अंधकासुर भगवान शिव और मां पार्वती का पुत्र था। एक दैत्य हिरणायक्ष ने भगवान शिव की घोर तपस्या करके उन्हीं की तरह बलवान पुत्र पाने का वरदान मांगा। भगवान शिव ने बिना एक भी क्षण गंवाये अपने पुत्र अंधकासुर को हिरणायक्ष को दे दिया। हिरणायक्ष का वध भगवान विष्णु ने वाराह अवतार लेकर कर दिया था। जिसके बाद अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिये अंधकासुर ने अपने बल से देवलोक पर अपना आधिपत्य जमा लिया। जिसके बाद अंधकासुर ने कैलाश पर चढ़ाई कर दी और भगवान शिव और अंधकासुर के बीच में घोर युद्ध हुआ जिसमें भगवान शिव ने अंधकासुर का वध कर दिया।अंधकासुर के वध के बाद देवताओं को भी अपने पापों का ज्ञान हुआ। जिसके बाद वह सभी भगवान शिव के पास जाते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभु हमें हमारे पापों से मुक्ति दिलाने का कोई मार्ग बताएं. जिसके बाद भगवान शिव के पसीने की एक बूंद धरती पर गिरी और वह एक तेजस्वीं कन्या के रूप में परिवर्तित हो गई। उस कन्या का नाम नर्मदा रखा गया और उसे अनेकों वरदान दिये गये। भगवान शिव ने नर्मदा को माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी से नदी रूप में बहने और लोगों के पाप हरने का आदेश दिया। भगवान शिव की आज्ञा सुनकर मां नर्मदा भगवान शिव से कहती हैं कि हे भगवान ! मैं कैसे लोगों के पापों को हर सकती हूं.तब भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान देते हैं कि तुम्हारा किसी भी प्रलय में नाश नही होगा , तुम अमर रहोगी और तुममें सभी पापों को हरने की क्षमता होगी।
एक आस संस्था द्वारा निबंध प्रतियोगिता आयोजित
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
बलरामपुर -- एक आस जनकल्याण संस्था द्वारा मानवाधिकार प्रशिक्षण एवं सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मानवाधिकार में अमूल्य समय व योगदान देने वाले स्वयंसेवियों के प्रशिक्षण हेतु आयोजित सह कार्यशाला के मुख्य अतिथि यूथ फ़ॉर ह्युमन राइट के राज्य संयोजक श्री सरवत हुसैन नकवी, विशिष्ट अतिथि सरगुजा सम्भाग की मदर टेरेसा सुश्री वन्दना दत्ता व कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्भागीय समन्वयक श्री कृष्णचन्द तिवारी सम्मिलित हुये। मुख्य अतिथि श्री नकवी सर जी के द्वारा मानवाधिकार को लेकर आर्टिकल, समाज मे ब्याप्त कुरीतियों के प्रति कैसे जागरूक किया जाये इस विषय पर सारगर्भित उद्बोधन देने के साथ ही पावर बूस्टर भरने का काम किया गया। सरगुजा सम्भाग में जिला समन्वयक व ब्लॉक समन्वयकों के प्रशिक्षण में यह जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समबोधन करते हुये विशिष्ट अतिथि सुश्री वन्दना दत्ता बुआ जी ने महिलाओं व बच्चों के सेंसेटिव विषय का ख्याल रखते हुये कैसे मानवाधिकार को जन जन तक पहुंचाने , लोगों को जागरूक करने व प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुये कार्य करने का गुर सिखाये। "एक आस जनकल्याण संस्था " के निदेशक व कार्यक्रम के अध्यक्ष कृष्णचन्द तिवारी ने स्वागत उद्बोधन व कार्यक्रम के सफ़ल आयोजन के लिये सभी सहयोगियों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया साथ ही आशा जतायी कि भविष्य में हम सरगुजा समभाग के लिये बेहतर कार्य करेंगे। कार्यक्रम में विशेष सहयोग मदन मिश्रा , शन्तोषी नागे , लक्ष्मीदास , सुनीता तिर्की , मनोज एक्का , शंकर नायक , रंजीत सतपुते , कन्हाई बंजारा, निलेन्द्र मिश्रा , राकेश गुप्ता , संजय राजवाड़े के साथ सारी टीम का रहा। राज्य समन्वयक श्री नकवी सर व "एक आस" संस्था की संरक्षक सुश्री वन्दना दत्ता बुआ ने सभी समन्वयकों को अग्रीम शुभकामनायें दी। इसी तरह "एक आस" जनकल्याण संस्था व यातायात विभाग के द्वारा नगर के शिशुमन्दिर विद्यालय में सड़क सुरक्षा एवम जागरूकता अभियान के तहत हाईस्कूल के बच्चों के बीच निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया, स्वागत उदबोधन में "एक आस" संस्था के डायरेक्टर कृष्णचन्द तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा व सुरक्षा , स्वयं के लिये , समाज व परिवार के लिये हम कैसे पहल करें यह चर्चा की गई। जिला यातायात अधिकारी राजेन्द्र साहू के द्वारा सुरक्षा नियमों के पालन , उनके रोकथाम के उपाय व दुर्घटना के समय किन किन बातों का ध्यान रखें विषयों पर विस्तृत चर्चा किया गया। विद्यालय के प्राचार्य शंभुनाथ मिश्रा ने आभार प्रकट करते हुये कार्यक्रम से बच्चों को होने वाले फायदों को बताते हुये पूरे कार्यक्रम के लिये अपने विद्यालय के शिक्षकों व "एक आस" संस्था एवं यातयात विभाग को धन्यवाद ब्यक्त किया साथ ही निबन्ध प्रतियोगिता के प्रथम कु० श्रुति शर्मा , द्वितीय कु० समीक्षा दुबे , तृतीय राजेश कुमार काटले एवम 14 सांत्वना विजेताओं को बधाई दिये। सभी विजेताओं को ऑडिटोरियम बलरामपुर के समापन समारोह में पुरस्कृत किया जायेगा।
शांति के बिना द्विपक्षीय संबंध सम्भव नहीं -- श्रृंगला
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
मास्को -- विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने अपने दो दिवसीय मास्को अधिकारिक यात्रा के दौरान कहा कि चीन के साथ भारत के संबंध जटिल हैं और यदि सीमावर्ती इलाकों पर अतिक्रमण' होता है, तो दोनों देशों के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंध नहीं हो सकते। उन्होंने ‘डिप्लोमैटिक एकेडमी ऑफ रशियन मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स' द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि दोनों बड़े एशियाई देशों के बीच संबंध सीमा की सामान्य स्थिति पर निर्भर करते हैं। श्रृंगला ने मास्को से चीन को कड़ा संदेश देते हुये कहा जैसा कि हमने चीन में हमारे मित्रों से कहा है, यदि सीमावर्ती इलाकों पर शांति नहीं है तो हमारे बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंध नहीं हो सकते। ये संबंध सीमा पर सामान्य हालात पर निश्चित ही निर्भर करते हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि हमारे जवानों की जान जाये , सीमा पर अतिक्रमण की स्थिति हो और इसके बावजूद हमारे बीच सामान्य संबंध रहें। बता दें भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध बना हुआ है।श्रृंगला ने कहा, ‘पिछले कुछ दिन में हमने सीमा से बलों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। चीन के साथ भारत के संबंध जटिल हैं, लेकिन पिछले कुछ दशक में दोनों देशों के बीच संबंध में सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1980 के दशक में दोनों देशों ने फैसला किया था कि वे सीमा संबंधी मामलों पर मतभेदों को दूर रखेंगे और व्यापार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे अन्य क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। चूंकि सीमा पर हमारे दृष्टिकोण समान नहीं है , इस मामले को विशेष दूत देखेंगे। इस बीच हम व्यापार तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग विकसित करने पर काम करेंगे। पिछले कुछ साल में चीन के साथ व्यापार काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत की सीमा पर चीनी बलों की बड़ी संख्या में मौजूदगी और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण की कई कोशिशों ने संबंधों पर असर डाला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को अलग-थलग करने के अमेरिका के दृष्टिकोण के बारे में श्रृंगला ने कहा हिंद-प्रशांत को लेकर हमारा नजरिया यह है कि यह एक मुक्त एवं समावेशी क्षेत्र है, जहां देश सहयोग बढ़ाने, कनेक्टिविटी में सुधार करने , नियम आधारित एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विचार को प्रोत्साहित करने के लिये काम करते हैं, जिसमें नौवहन की स्वतंत्रता दी जाये। उन्होंने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए रूस के साथ निकटता से काम करना चाहता है और हिंद-प्रशांत के जिक्र के बिना भारत एवं रूस के संबंधों पर हर चर्चा अधूरी है। श्रृंगला ने रूस के साथ असैन्य परमाणु ऊर्जा , रक्षा , तेल एवं गैस और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जतायी। भारतीय विदेश सचिव और रूसी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दोनों देशों के बीच साझेदारी पर भी चर्चा की। इसी के साथ दोनों पक्षों ने कोरोना महामारी और कोरोना वैक्सीन वितरण के संयुक्त प्रयासों के अलावा अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी चर्चा की। श्रृंगला ने रूस के उप विदेश मंत्री मोर्गुलोव के साथ द्विपक्षीय संबंधों , बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों को लेकर चर्चा की। विदेश सचिव की मॉस्को में इस साल की पहली विदेश यात्रा का यह महत्व है कि भारत, रूसी संघ के साथ अपने घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को महत्व देता है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर इस साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं। उनके कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है, क्योंकि दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिये तत्पर हैं। मास्को यात्रा के दौरान विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसका खुलासा किया।
Wednesday, February 17, 2021
मंगलवार से मुँगावली नगर में व्यास बृजगोपी पूज्या कृष्णा किशोरी जी की साप्ताहिक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुभारम्भ हो चुका है
संवाददाता : संदीप राठौर
मंगलवार से मुँगावली नगर में व्यास बृजगोपी पूज्या कृष्णा किशोरी जी की साप्ताहिक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन शुभारम्भ हो चुका है
इस संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 22 फरवरी तक मुँगावली नगर के भुजरिया तालाब रोड़ वार्ड 7 में बीजासन मंदिर पर प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शायं पाँच बजे तक किया जा रहा है। कथा व्यास किशोरी जी सभी को अपने शानदार वचनों में ज्ञान का मार्ग बता रही हैं और सैकड़ों महिला व पुरुष यहाँ पर प्रतिदिन ज्ञान का सौभाग्य प्राप्त करने आ रहे हैं। किशोरी जी ने बताया कि लोग आजकल खुद भगवान बन रहे हैं और बाद में गलत कार्यों से जेल भी भोग रहे हैं। जबकि संसार के कुछ ऐसा गलत अनुशरण करके खुद भगवान से दूर हो रहे हैं।
व्यास किशोरी जी अपनी कथाओं के वचनों से उध्दार का मार्ग खोल रहीं हैं जो सभी के लिए हितकर है। यह कथा वाचन लोग बड़े ही उत्साह व प्रेम से सुन रहे हैं।
चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के लिए फण्ड जारी होने की पूर्ण सम्भावना
संवाददाता : आर स्टीफन
रेलवे डिवीज़न बिलासपुर के पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल को छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग के अवर सचिव प्रेमसिंह घरेन्द्र द्वारा प्रेषित पत्र क्र०1458/बी-4/वित्त/चार/ज.शि./नवारायपुर अटल नगर, दिनांक 09/02/2021 प्राप्त होने पर चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के लिये सन्निकट छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्तुत होने जा रहे बजट में तयशुदा 50 प्रतिशत का वित्तीय फण्ड रिलीज़ होने और इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की दिशा में यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ कराए जाने की पूरी सम्भावना व उम्मीदें जाग उठी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के साथ छत्तीसगढ़ शासन के साथ साझा वित्तीय मंजूरी और परस्पर हुए ओएमयू के पश्चात फण्ड रिलीज़ नहीं होने के कारण रेल-विस्तारीकरण का कार्य रुक जाने से व्यथित होकर सरगुजा एवं शहडोल दोनों सम्भागों सहित सम्पूर्ण कोयलांचलवासी नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री भूपेष बघेल का ध्यानाकृष्ट कराने हेतु अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल ने गाँधी चौक मनेन्द्रगढ़ में करीब छः माह 25 अगस्त 2020 से लगातार प्रतिदिन घण्टानाद-सत्याग्रह जारी रखा है, इस दौरान उन्होंने अनेकों बार मुख्यमंत्री से भेंटकर-ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए राज्यशासन के हिस्से का फण्ड शीघ्र रिलीज़ करने का आग्रह करते रहे हैं, जिसे उन्होंने गम्भीरता से लेते हुए कोरिया जिले के प्रवास के दौरान सार्वजनिक तौर पर अपनी सकारात्मक सहमति भी व्यक्त करते रहे हैं, जिसके लिए सम्पूर्ण क्षेत्रवासियों ने कृतज्ञतापूर्वक मुख्यमंत्री के ऋणी व आभारी होते हुए पूरी उम्मीद लेकर प्रतीक्षा किये हुए हैं। पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य द्वारा 19 जनवरी को ही उपरोक्त मुद्दे के सन्दर्भ में इसी 22 फरवरी से प्रारम्भ होने जा रहे बजट सत्र में शामिल करने प्रस्ताव की पूरी फाईल न केवल मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दी थी, बल्कि हर हाल में फण्ड रिलीज़ हो जाने के लिए अपनी कारगर भूमिका हेतु कोरबा सांसद ज्योत्सना-चरणदास महंत,सविप्रा उपाध्यक्ष(राज्यमंत्री)गुलाब कमरो,विधायक डॉ.विनय जायसवाल एवं कोरिया कलेक्टर एस.एन. राठौर से भी सतत सम्पर्क बनाए हुए हैं। पटेल ने छत्तीसगढ़ शासन की ओर से उपरोक्त मुद्दे पर शीघ्र कार्यवाही और निराकरण के सन्दर्भ में उन्हें प्राप्त पत्र की प्रति जारी कर राज्य के मुख्यमंत्री के अनुग्रह से निकट भविष्य में प्रस्तुत होने जा रहे छत्तीसगढ़ शासन के वित्तीय बजट में चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के लिए फण्ड जारी होने की पूर्ण सम्भावना और उम्मीद को लेकर कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त किया है।
नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन
नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन कुंभराज : अखिल भारतीय बाल्मीकि म...









