Wednesday, February 3, 2021

इतिहास को जानने के लिए तटस्थ साक्ष्यो की पहचान अवश्य है - डॉ श्रीवास्तव

राधौगढ़ - आंतरिक गुणवत्ता मूल्यांकन सेल (IQAC) शासकीय महाविद्यालय राधौगढ़ द्वारा इतिहास विभाग द्वारा "प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत "विषय पर ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता डॉ श्रीमती मीना श्रीवास्तव प्राध्यापक इतिहास शासकीय कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय ग्वालियर ने अतिथि व्याख्यान प्रस्तुत किया उन्होंने प्राचीन भारत को समझने के लिए साहित्यिक एवं पुरातात्विक साक्ष्यों को आधार स्तंभ बताते हुए वैज्ञानिक ढंग से इतिहास लेखन पर बल दिया इसके साथ ही पुरातात्विक साक्ष्यों को अकाट्य प्रमाण भी निरूपित किया।

महाविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ब्रजेश कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा प्राचार्य डॉ जवाहरलाल द्विवेदी के आशीष वचन से व्याख्यान की शुरुआत हुई व्याख्यान में आइक्यूएसी के समन्वयक डॉ डीपी सिंह एवं महाविद्यालय स्टाफ में डॉ पीके झा,डॉ जीपीएस चक,डॉ एचसी पाटनी,डॉ माया परस्ते,डॉ सीबी ओझा,अमित बरसाना,डॉ विकास जैन,श्रीमती मीना मेवाडे,डॉ रजनी शर्मा,योगेश भदौरिया,आशीष दुबे,डॉ राजीव शर्मा,एवं अनेक छात्र-छात्राओं ने गूगल के माध्यम से सहभागिता की कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ बृजेश कुमार द्वारा किया गया

No comments:

Post a Comment

नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन

नगर परिषद कुंभराज सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, नगरपालिका अधिकारीयों द्वारा मिल रहा खाली अस्वासन कुंभराज :  अखिल भारतीय बाल्मीकि म...